सड़क पर सुरक्षा के प्रबंध न होने के चलते युवाओं ने एसडीएम को सोंपा ज्ञापन

सड़क पर सुरक्षा के प्रबंध न होने के चलते युवाओं ने एसडीएम को सोंपा ज्ञापन

सड़क पर सुरक्षा के प्रबंध न होने के चलते युवाओं ने  एसडीएम को सोंपा ज्ञापन

डलहौज़ी हलचल (डलहौज़ी) :  एनएचपीसी चमेरा पॉवर स्टेशन-1 खैरी के तहत आने वाली गोली-चौहड़ा सड़क पर सुरक्षा के प्रबंध न होने को युवाओं ने डलहौजी के एसडीएम  व एनएचपीसी के कार्यपालक निदेशक कार्यालय को एक मांगपत्र सौंप कर इस सडक पर  क्रैश बैरियर लगवाने कि मांग की  है 

 युवाओं का कहना है कि गोली- चौहड़ा सड़क चमेरा झील के किनारे से गुजरती है। मगर लगभग 30 वर्षों से एनएचपीसी द्वारा न तो इस सडक की  चौड़ाई करवाई गई है  न ही  इस सड़क पर  क्रैश बैरियर लगाए गए । युवाओं के मुताबिक़ इस सडक पर  तीन दशकों में हुए हादसों में कई लोग  चमेरा झील में समा गए जिनमें से कई लोगों के तो शव तक नहीं मिले हैं। इतना ही नहीं किसी वाहन के चमेरा झील में गिरने पर एनएचपीसी के पास बचाव दल भी नहीं है। जिससे कि दुर्घटना के समय किसी तरह की मदद भी नहीं मिल पाती। क्षेत्र के युवाओं ने प्रशासन तथा  एनएचपीसी से अगले 15 दिसंबर तक इस सडक  किनारे सुरक्षा की दृष्टि से क्रैश बैरियर लगवाने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। युवाओं ने चेतावनी दी है कि  अगर 15 दिसंबर तक उक्त मार्ग पर क्रैश बैरियर लगाने का कार्य शुरू नहीं हुआ तो उपमंडल के युवा एनएचपीसी का घेराव व चक्का जाम करेंगे, जिसकी कि सारी जिम्मेदारी एनएचपीसी प्रबंधन की होगी। 

बता दें की डलहौज़ी उपमंडल के गाँव का एक युवक अभिषेक बीते 15 नवंबर को अपने किसी दोस्त को भलेई क्षेत्र में छोड़ने के लिए बाइक लेकर गया था। जिसके बाद वह घर नहीं लौटा। स्वजनों ने काफी तलाश की मगर अभिषेक का कोई पता नहीं चलने पर पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने चौहड़ा डैम एरिया में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो 15 नवंबर की शाम को चौहड़ा से गोली की ओर जा रही एक बाइक चमेरा झील में गिरती हुई दिखाई दी थी। जिससे आशंका जताई जा रही है कि झील में बाइक समेत अभिषेक ही गिरा था। ऐसे में सोमवार को एनडीआरएफ की टीम के सहयोग से चमेरा झील में तलाशी अभियान चलाया लेकिन अभी तक अभिषेक का कोई पता नहीं लग पाया है ।