रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है। फिल्म का पहला पार्ट दिसंबर 2025 में रिलीज हुआ था और इसे दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। फिल्म में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहा रहमान डकैत का किरदार, जिसे निभाने के लिए कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा को दो साल का लंबा वक्त लग गया।
फिल्म के पहले पार्ट में रणवीर सिंह की शानदार परफॉर्मेंस के साथ-साथ अक्षय खन्ना के इस किरदार ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। अक्षय ने जिस तरह रहमान डकैत को पर्दे पर जीवंत किया, उसने दर्शकों का दिल जीत लिया और आलोचकों की भी तारीफ बटोरी।
2 साल की लंबी कास्टिंग प्रक्रिया
कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने बताया कि फिल्म के लिए उन्होंने लगभग दो साल का समय लगाया।
“मैं चाहता था कि स्क्रीन पर दिखने वाले हर किरदार को, चाहे वो किसी एक सीन के लिए हो या सिर्फ एक डायलॉग के लिए, मैं ही चुनूं। मैंने आदित्य धर से यह रिक्वेस्ट भी की। मैंने और मेरे 8 असिस्टेंट्स ने इस फिल्म के लिए 2 साल तक काम किया और 300 लोगों के ऑडिशन लिए।”
मुकेश ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में कई बड़े और अनुभवी कलाकारों ने कहानी सुने बिना ही रिजेक्ट कर दिया।
रहमान डकैत का किरदार: सबसे बड़ी चुनौती
मुकेश छाबड़ा ने खुलासा किया कि रहमान डकैत का किरदार फिल्म में सबसे चुनौतीपूर्ण था।
- कई बड़े एक्टर्स ने साफ मना कर दिया।
- उनका कहना था कि वे किसी भी मल्टीस्टारर फिल्म का हिस्सा नहीं बनना चाहते।
“हमने फिल्म के लिए कई एक्टर्स के नामों पर चर्चा की थी, लेकिन वे लगातार मना कर रहे थे। उनका कहना था कि वे किसी भी मल्टीस्टारर फिल्म का हिस्सा नहीं बनना चाहते।”
इस किरदार के लिए सही अभिनेता ढूंढना बेहद कठिन था क्योंकि इसे पर्दे पर दमदार और प्रभावशाली तरीके से निभाना जरूरी था।
अक्षय खन्ना बने अंतिम विकल्प
अंततः अक्षय खन्ना इस भूमिका के लिए चुने गए।
- मुकेश के अनुसार, अक्षय में वह क्षमता थी कि उन्हें कोई भी किरदार दिया जाए, वे उसे पूरी शिद्दत और शानदार अंदाज में निभा सकते हैं।
- जब मुकेश ने पहली बार अक्षय को फोन किया, तो अक्षय ने कहा, “तू पागल हो गया है।”
लेकिन कहानी सुनने के बाद उन्होंने कहा, “शानदार। मैं यह फिल्म कर रहा हूँ।”
“अक्षय ने नरेशन सुनने के बाद कहा, ‘शानदार।’ और एक दिन में ही उन्होंने मुझे दोबारा फोन किया और कहा कि मैं यह फिल्म कर रहा हूं।”
300 एक्टर्स ने रिजेक्ट किया
मुकेश छाबड़ा ने यह भी बताया कि लगभग 300 एक्टर्स ने इस किरदार के लिए रिजेक्ट किया।
- कई ने कहा कि यह किरदार उनके लिए सही नहीं है।
- कुछ ने फिल्म में मल्टीस्टारर होने के कारण हिस्सा लेने से मना किया।
“कई बड़े एक्टर्स ने मुझे फोन किया और कहा कि उन्होंने रोल क्यों नहीं लिया, इस पर वे पछताते हैं।”
इस बात से स्पष्ट होता है कि सही कास्टिंग किसी फिल्म की सफलता में कितनी अहम भूमिका निभाती है।
फिल्म में सफलता और प्रभाव
फिल्म के पहले पार्ट के बाद यह साफ हो गया कि अक्षय खन्ना का किरदार दर्शकों को सबसे ज्यादा प्रभावित कर गया।
- रणवीर सिंह के साथ उनकी केमिस्ट्री ने फिल्म को और मजबूत किया।
- दर्शकों और आलोचकों ने अक्षय के अभिनय की खूब सराहना की।
मुकेश छाबड़ा ने बताया कि उन्होंने हर किरदार की कास्टिंग खुद की थी, चाहे वो छोटे सीन के लिए हो या केवल डायलॉग वाले रोल के लिए। उनका उद्देश्य था कि फिल्म में हर किरदार को स्क्रीन पर पूर्ण प्रभाव और वास्तविकता मिले।
क्यों था यह किरदार चुनौतीपूर्ण
रहमान डकैत का किरदार किसी भी अभिनेता के लिए चुनौतीपूर्ण था।
- किरदार का दमदार व्यक्तित्व और स्क्रीन प्रजेंस जरूरी था।
- किरदार में डर और आकर्षण का संतुलित मिश्रण होना चाहिए था।
- अक्षय ने इस संतुलन को पूरी तरह निभाया और किरदार को यादगार बना दिया।
पर्दे पर परफॉर्मेंस
अक्षय खन्ना की परफॉर्मेंस ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
- बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने शानदार कमाई की।
- सोशल मीडिया पर भी उनके अभिनय की खूब तारीफ हुई।
- दर्शक और आलोचक दोनों ने अक्षय के रहमान डकैत किरदार की सराहना की।
बाद में पछताए एक्टर्स
मुकेश ने यह भी बताया कि फिल्म रिलीज होने के बाद कई बड़े सितारे उन्हें फोन कर पछताए कि उन्होंने यह रोल क्यों छोड़ा।
- इससे यह साबित होता है कि सही कास्टिंग और धैर्य किसी फिल्म की सफलता में अहम भूमिका निभाते हैं।
- अक्षय खन्ना के किरदार ने फिल्म को अलग पहचान दी और दर्शकों के दिल में जगह बनाई।
निष्कर्ष
रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की।
रहमान डकैत का किरदार, जिसे निभाने में लगभग 2 साल और 300 रिजेक्ट्स लगे, अक्षय खन्ना ने अपनी अदाकारी और स्क्रीन प्रजेंस से जीवंत कर दिया।
- मुकेश छाबड़ा की मेहनत और धैर्य फिल्म की सफलता का बड़ा कारण हैं।
- अक्षय खन्ना ने किरदार को पर्दे पर पूरी तरह जिया।
- यह फिल्म साबित करती है कि सही कास्टिंग, मेहनत और धैर्य किसी किरदार और फिल्म को यादगार बना सकते हैं।











