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मंडी गोलीकांड: पारिवारिक कलह ने ली खौफनाक मोड़, बहू पर निशाना साधा, पोता गंभीर घायल

Manmahesh

बल्ह घाटी के रिंज गांव में दहशत का माहौल, आरोपी पूर्व सैनिक हिरासत में

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की शांत मानी जाने वाली बल्ह घाटी अचानक उस वक्त सनसनी से भर उठी, जब एक पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। लोहारा पंचायत के रिंज गांव में एक पूर्व सैनिक दादा द्वारा चलाई गई गोली का निशाना उसकी बहू थी, लेकिन बीच बचाव में आया पोता गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज में बढ़ती घरेलू हिंसा और हथियारों के दुरुपयोग पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।


घटना की पूरी कहानी: कैसे हुआ हादसा

रविवार रात करीब आठ बजे का समय था। घर के आंगन में सामान्य दिनचर्या के बीच अचानक तनाव ने हिंसक रूप ले लिया। जानकारी के मुताबिक, आरोपी भादरू राम का अपने बेटे के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। यह विवाद इतना बढ़ गया कि उसने अपनी लाइसेंसी बंदूक उठा ली और बहू पर गोली चलाने का प्रयास किया।

हालांकि, इस दौरान उसका पोता उमेश कुमार बीच में आ गया और गोली उसे जा लगी। गोली उसके बाजू और कूल्हे में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, यह सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।


गंभीर हालत में पोता, PGI चंडीगढ़ रेफर

घायल उमेश कुमार को पहले बिलासपुर स्थित एम्स ले जाया गया, लेकिन उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे आगे Postgraduate Institute of Medical Education and Research (पीजीआई चंडीगढ़) रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उसके पेट में ऑपरेशन की आवश्यकता है और स्थिति नाजुक बनी हुई है।

परिवार और ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश और चिंता का माहौल है। हर कोई यही दुआ कर रहा है कि बच्चा जल्द स्वस्थ हो जाए।


आरोपी का आपराधिक और विवादित अतीत

भादरू राम का स्वभाव शुरू से ही झगड़ालू बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, वह अक्सर अपने परिवार के सदस्यों से विवाद करता रहता था और कई बार बंदूक दिखाकर डराने की भी कोशिश करता था।

बताया जाता है कि सेना में रहते हुए भी उसका अपने पिता के साथ झगड़ा हुआ था, जिसके चलते वह समय से पहले ही सेवा छोड़कर घर लौट आया था। इसके बाद भी उसके व्यवहार में कोई खास बदलाव नहीं आया और पारिवारिक तनाव लगातार बना रहा।


ग्रामीणों का गुस्सा: आरोपी की पिटाई

घटना के बाद गांव में गुस्से का माहौल फैल गया। स्थानीय लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी, जिससे वह भी घायल हो गया। बाद में उसे इलाज के लिए नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती, तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी। कई लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी पहले भी परिवार को धमकाता रहा था।


पुलिस की कार्रवाई: हथियार जब्त, जांच जारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत हरकत में आई। बल्ह थाना की टीम मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस अधीक्षक भी कुछ ही देर में घटनास्थल पर पहुंचे।

पुलिस ने आरोपी की लाइसेंसी बंदूक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मनीषा चौधरी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस सभी पहलुओं—पारिवारिक विवाद, आरोपी के मानसिक हालात और हथियार के उपयोग—को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।


पारिवारिक कलह बना हिंसा की वजह

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह घटना पूरी तरह से पारिवारिक कलह का परिणाम है। घरेलू विवाद लंबे समय से चल रहा था, जो आखिरकार इस खौफनाक मोड़ पर पहुंच गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय रहते संवाद और मध्यस्थता से स्थिति को संभाला जा सकता है, लेकिन जब अहंकार और गुस्सा हावी हो जाए, तो परिणाम अक्सर विनाशकारी होते हैं।


समाज के लिए चेतावनी: हथियार और मानसिक संतुलन

यह घटना एक बड़ी चेतावनी भी है कि लाइसेंसी हथियारों का इस्तेमाल कितनी जिम्मेदारी से किया जाना चाहिए। जब व्यक्ति मानसिक रूप से अस्थिर हो या लगातार विवादों में उलझा हो, तो ऐसे हथियार समाज के लिए खतरा बन सकते हैं।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस के सामने अब यह चुनौती भी है कि ऐसे लोगों की पहचान कर समय रहते जरूरी कदम उठाए जाएं।


निष्कर्ष: एक परिवार की त्रासदी, कई सवाल

मंडी का यह गोलीकांड सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि एक सामाजिक चेतावनी है। एक दादा द्वारा अपने ही परिवार पर गोली चलाना उस टूटते सामाजिक ताने-बाने की ओर इशारा करता है, जहां संवाद की जगह हिंसा ले रही है।

अब सभी की नजरें उमेश कुमार के स्वास्थ्य पर टिकी हैं, वहीं पुलिस जांच से यह उम्मीद भी है कि दोषी को सख्त सजा मिलेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।