चेन्नई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 3 अप्रैल को होने वाले दौरे को लेकर अधिकारियों ने विशेष सुरक्षा इंतजाम किए हैं। इस दौरान चेन्नई के कुछ हिस्सों को रेड जोन घोषित किया गया है, जहां पर कड़ी पाबंदियां लगाई गई हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
रिपोर्ट के अनुसार, 3 और 4 अप्रैल को इन रेड जोन क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों और अन्य बिना पायलट वाले हवाई उपकरणों के उड़ान भरने पर सख्त बंदी लगाई जाएगी। इस प्रतिबंध का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और जहां वह कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं, वहां किसी भी संभावित खतरे को भांपना और रोकना है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इन दिनों निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। साथ ही, इन दो दिनों में रेड जोन क्षेत्रों के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे, जो इलाके में साधारण आवागमन पर नजर रखेंगे।
मीडिया से बातचीत में अधिकारी ने बताया कि इस प्रकार की पाबंदियां प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के कार्यक्रमों के दौरान सामान्य सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा होती हैं। इसके तहत ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध एक जरूरी कदम है क्योंकि आधुनिक तकनीक के उपयोग से सुरक्षा में संभावित खामियां सामने आ सकती हैं।
चेन्नई पुलिस ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर सुरक्षा बंदोबस्त को सुनिश्चित करने के लिए कई रिहर्सल की हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस दौरान रेड जोन के इलाकों में आवागमन को लेकर असुविधा हो सकती है, इसलिए स्थानीय लोगों से संयम रखने और प्रशासनिक आदेशों का पालन करने की अनुरोध की गई है।
प्रधानमंत्री Modi का यह दौरा राज्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें विकास परियोजनाओं और जनकल्याण कार्यक्रमों का उद्घाटन भी शामिल है। सुरक्षा कारणों से, प्रशासन ने आम जनता को सलाह दी है कि वे अपने मोबाइल फोन और कैमरों के उपयोग में भी सतर्कता बरतें और अप्रत्याशित सुरक्षा जांचों के लिए तैयार रहें।
अधिकारी यह भी स्पष्ट करते हैं कि ये पाबंदियां केवल दो दिनों के लिए ही लागू रहेंगी और इसके बाद स्थितियां सामान्य हो जाएंगी। इस दौरान जनता का सहयोग और समझदारी इस मिशन की सफलता के लिए आवश्यक है।
ऐसे में, 3 और 4 अप्रैल को चेन्नई में रहने वाले सभी नागरिकों से अपील है कि वे इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और प्रधानमंत्री के दौरे को सफल बनाने में प्रशासन का सहयोग करें। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार हर संभव कदम उठा रही है ताकि कोई भी अप्रिय घटना न घटे और कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
इस प्रकार के सुरक्षा उपाय प्रधानमंत्री के दौरे को सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी हैं और इससे सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। स्थानीय प्रशासन सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।










