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प्राकृतिक खेती आंदोलन के प्रर्याय रहे प्रो चंदेल
प्राकृतिक खेती आंदोलन के प्रर्याय रहे प्रो चंदेल
 
डलहौज़ी हलचल (शिमला) :- हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती को गति देने वाले प्रो.राजेश्वर सिंह चंदेल को डॉ. वाईएस परमार विश्वविद्यालय में कुलपति के तौर पर नियुक्त किए जाने के अवसर पर उनके सम्मान में मंगलवार को राज्य परियोजना कार्यान्वयन इकाई की ओर से एक आभार समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्रदेश के उर्जावान पंचायती राज व कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। इसके अलावा इस मौके पर प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान किसान योजना के प्रमुख नेतृत्व कृषि सचिव राकेश कंवर भी विशेष रूप से मौजूद रहे। वहीं प्राकृतिक खेती आंदोलन की शुरूआत में इस खेती विधि को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाने वाले मार्केटिंग बोर्ड के एमडी नरेश ठाकुर  भी मौजूद रहे। इस मौके पर कृषि मंत्री ने प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कृषि मंत्री ने प्रो. चंदेल के प्रयासों की सराहना की और उनसे आगे भी इस योजना के प्रसार में अपना बहुमूल्य योगदान करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रो. चंदेल के विश्वविद्यालय में कमान संभालने से अब प्राकृतिक खेती की वैज्ञानिकता को स्थापित करने में तीव्रता आएगी साथ ही साथ विश्वविद्यालय में इसकी पढ़ाई और शोध को गति मिलेगी।

इस मौके पर कृषि सचिव राकेश कंवर ने कहा कि इतने कम समय में प्राकृतिक खेती को गांव-गांव तक पहुंचाना बहुत मुश्किल कार्य था, लेकिन प्रो. चंदेल के अथक प्रयासों के चलते यह संभव हो सका और आज प्राकृतिक खेती देश-विदेश में ख्याति पा चुकी है। उन्होंने कहा कि हम जल्द ही फ्रांस की राष्ट्रीय कृषि संस्था इनरा के साथ प्रमाणीकरण को लेकर अंतरराष्ट्रीय समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित करने जा रहे हैं जिससे इस नवोन्वेषी प्रमाणीकरण प्रणाली को भारत के साथ अन्य देशों में भी लागू किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि भले ही प्रो. चंदेल को नई जिम्मेवारी मिली हो लेकिन मेरा मानना है कि वे प्राकृतिक खेती के लिए भी समय निकालेंगे और इस योजना को अधिक सफल और किसान हितैषी बनाने के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव देते रहेंगे।

प्रो. चंदेल ने कहा कि वे आगे भी प्राकृतिक खेती आंदोलन से जुड़े रहेंगे और प्रदेश को प्राकृतिक खेती राज्य बनाने के लिए हमेशा प्रयासरत रहेंगे।

इस कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना की राज्य परियोजना कार्यान्वयन इकाई के अधिकारी और कर्मचारी, कृषि निदेशक डॉ. एनके धीमान समेत कृषि निदेशालय के अधिकारी और समस्त प्रदेश की आतमा टीम के जिला परियोजना निदेशक व उप परियोजना निदेशक व जिला कृषि उप निदेशक मौजूद रहे।