डलहौज़ी हलचल (चंबा) भूषण गुरूंग : आयुष विभाग द्वारा ‘आयुष ग्राम नैनीखडु’ में उपमण्डल तुनुहट्टी के सौजन्य से बाल स्वर्ण प्राशन और निःशुल्क महिला चिकित्सा शिविर का भव्य आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना और महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व के प्रति जागरूक करना रहा।
76 बच्चों को पिलाई गई स्वर्ण प्राशन की बूंदें
आंगनबाड़ी केंद्र नैनीखडु में आयोजित इस शिविर में 0 से 16 वर्ष तक के कुल 76 बच्चों को ‘स्वर्ण प्राशन’ की बूंदें पिलाई गईं। उपमण्डल चिकित्साधिकारी डॉ. शरद त्रिवेदी ने बताया कि आयुर्वेद में स्वर्ण प्राशन का विशेष महत्व है। यह न केवल बच्चों की इम्युनिटी (Immunity) बढ़ाता है, बल्कि उनके मानसिक और शारीरिक विकास में भी अत्यंत सहायक सिद्ध होता है।
महिला स्वास्थ्य एवं सुरक्षित मातृत्व पर विशेष सत्र
शिविर के दूसरे चरण में महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया, जिसमें 70 महिलाओं ने अपनी जांच करवाई और निःशुल्क औषधियां प्राप्त कीं।
जांच: गर्भवती महिलाओं और बालिकाओं के हीमोग्लोबिन (Hb) और ब्लड शुगर की निःशुल्क जांच की गई।
गर्भ संस्कार: डॉ. राशी मिश्रा ने उपस्थित महिलाओं को गर्भ संस्कार, सुरक्षित मातृत्व और स्तनपान के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने संतुलित आहार के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
ग्रामवासियों में उत्साह और टीम का योगदान
शिविर की सफलता में स्थानीय ग्रामवासियों ने भारी उत्साह दिखाया। कार्यक्रम को सफल बनाने में निम्नलिखित स्टाफ सदस्यों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं:
शालिनी ठाकुर, रजनीश, कुमारी आशा, अजय कुमार (आयुर्वेदिक फार्मेसी अधिकारी)।
प्रकाश चंद और शारदा देवी (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी)।
डॉ. शरद त्रिवेदी ने शिविर के सफल आयोजन के लिए पूरी टीम और ग्रामवासियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता शिविर लगाने का आश्वासन दिया।











