डलहौज़ी हलचल। प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा निर्णय लेते हुए विभिन्न प्राधिकरणों को दिए गए ‘कैबिनेट रैंक’ का दर्जा वापस लेने का फैसला किया है।
सरकार के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्णय प्रशासनिक प्रोटोकॉल को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से लिया गया है। इसके तहत बोर्ड, निगम और आयोगों के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, डिप्टी चेयरमैन सहित प्रधान सलाहकार और राजनीतिक सलाहकार जैसे पदों को दिए गए कैबिनेट रैंक से संबंधित सभी प्रावधान तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिए गए हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि इस फैसले के साथ ही संबंधित पदाधिकारियों के वेतन और मासिक भत्तों का 20 प्रतिशत हिस्सा 30 सितंबर 2026 तक स्थगित रखने का भी निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि निर्णय को शीघ्रता से लागू किया जा सके और सभी विभागों में इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
सरकार का यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

