भलेई कॉलेज बंद होने पर उबाल: सड़क पर उतरे ग्रामीण, सुंडला-बनीखेत हाईवे जाम कर सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन
डलहौज़ी हलचल | भलेई (चंबा)
चंबा जिले के भलेई कॉलेज को बंद करने के सरकारी फैसले के विरोध में शुक्रवार को क्षेत्रवासियों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने सुंडला-बनीखेत मुख्य मार्ग पर स्थित भलेई नाला के समीप चक्का जाम कर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सरकार के निर्णय को जनविरोधी बताते हुए कॉलेज को तत्काल बहाल करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भलेई कॉलेज क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र है और इसके बंद होने से सबसे अधिक नुकसान ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को होगा।
विद्यार्थियों के भविष्य पर जताई चिंता
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भलेई और आसपास के दूरदराज़ गांवों के विद्यार्थियों के लिए अन्य कस्बों या शहरों में जाकर पढ़ाई करना आसान नहीं है। लंबी दूरी, परिवहन की सीमित सुविधाएं और आर्थिक कठिनाइयों के कारण अनेक छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बीच में छूट सकती है।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कॉलेज बंद करने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए।
सरकार के खिलाफ नारेबाजी, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि भलेई कॉलेज को शीघ्र बहाल नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
कुछ समय तक बाधित रही यातायात व्यवस्था
चक्का जाम के कारण सुंडला-बनीखेत मुख्य मार्ग पर कुछ समय तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है, लेकिन यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आने वाले दिनों में जनआंदोलन को और तेज किया जाएगा।
जनहित में निर्णय पर पुनर्विचार की मांग
स्थानीय लोगों ने सरकार से अपील की कि क्षेत्र के विद्यार्थियों और अभिभावकों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए भलेई कॉलेज को तत्काल बहाल किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं की उच्च शिक्षा प्रभावित न हो और उन्हें अपने क्षेत्र में ही अध्ययन का अवसर मिलता रहे।
