चंबा : मुंबई से आई फर्जी कॉल ने बनाया ठगी का शिकार, रात भर डिजिटल अरेस्ट कर 61,000 रुपये उड़ाये
डलहौजी हलचल (चंबा) : चंबा जिले के तेलका गांव के रहने वाले दिनेश कुमार, पुत्र ज्ञान चंद शर्मा, को मुंबई से आए एक अज्ञात कॉल ने ठगी का शिकार बनाया। इस घटना में दिनेश से शातिर ठगों ने 61,000 रुपये की राशि उड़ा ली। ठगी के इस मामले ने एक बार फिर से ऑनलाइन फ्रॉड के बढ़ते खतरे को उजागर किया है।
nnnnशातिरों ने रची डिजिटल ठगी की चाल
nnnnपीड़ित दिनेश ने बताया कि वीरवार शाम को उन्हें एक कॉल प्राप्त हुई, जिसमें बताया गया कि उनका नंबर ब्लॉक होने वाला है। इसके बाद कॉल पर निर्देश दिया गया कि सेवाएं चालू रखने के लिए शून्य दबाएं। जब दिनेश ने ऐसा किया, तो कॉल तुरंत क्राइम ब्रांच मुंबई के नाम पर डायवर्ट कर दी गई।
nnnnकॉल पर उन्हें डराने के लिए बताया गया कि उनका नाम 6.5 करोड़ के घोटाले में शामिल है। इसके बाद ठगों ने वीडियो कॉल शुरू कर दी और कहा कि वे निगरानी में हैं। पूरी रात दिनेश को वीडियो कॉल पर बांधे रखा गया, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गए।
nnnnबैंक डिटेल लेकर 61,000 रुपये उड़ाए
nnnnशातिरों ने अगली सुबह दिनेश से कहा कि यदि वे खुद को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो उन्हें 61,000 रुपये देने होंगे। ठगों ने इस बहाने से दिनेश से बैंक डिटेल हासिल कर ली। बैंक डिटेल मिलते ही ठगों ने दिनेश के खाते से 61,000 रुपये निकाल लिए। दिनेश को इसका पता तब चला जब उनके मोबाइल पर बैंक से ट्रांजेक्शन का मैसेज आया।
nnnnपुलिस में दी गई शिकायत
nnnnघटना की जानकारी मिलने पर दिनेश ने तुरंत तेलका पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने पुलिस से गुहार लगाई है कि इस मामले में त्वरित कार्रवाई कर उनकी राशि वापस दिलाई जाए।
nnnnपुलिस की अपील: कॉल से रहें सतर्क
nnnnअभिषेक यादव, पुलिस अधीक्षक चंबा, ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ठगी के इस मामले की जांच की जा रही है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे इस प्रकार की फर्जी कॉल्स से सावधान रहें और अपनी बैंक डिटेल किसी के साथ साझा न करें।
nnnnऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सावधानियां:
nnnn- n
- अज्ञात कॉल्स से कोई भी निजी जानकारी साझा न करें। nnnn
- यदि कोई आपसे बैंक डिटेल या ओटीपी मांगे, तो उसे तुरंत कॉल बंद करें। nnnn
- किसी भी संदिग्ध कॉल को लेकर तुरंत साइबर क्राइम सेल या स्थानीय पुलिस से संपर्क करें। nnnn
- बैंक या सरकारी संस्थाएं फोन पर कभी व्यक्तिगत जानकारी या पैसे की मांग नहीं करती हैं। n
