चंबा में मानसून से पहले अलर्ट: उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने विभागों को दिए आपदा प्रबंधन के सख्त निर्देश
डलहौज़ी हलचल (चंबा): आगामी मानसून सीजन के दौरान संभावित आपदाओं और खतरे से निपटने के लिए जिला मुख्यालय चंबा में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण Mukesh Repaswal ने की।
बैठक में लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, विद्युत विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग तथा विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
जल निकासी व्यवस्था समय रहते दुरुस्त करने के निर्देश
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा नगर परिषद चंबा के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहरों, कस्बों और अन्य क्षेत्रों में जल निकासी प्रणाली की साफ-सफाई मानसून शुरू होने से पहले पूरी कर ली जाए, ताकि वर्षा के दौरान जलभराव और ब्लॉकेज जैसी समस्याओं से बचा जा सके।
पेयजल की शुद्धता और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर
उन्होंने जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए कि पेयजल पाइपों को सीवरेज लाइन से पर्याप्त दूरी पर रखा जाए, जिससे बरसात के दौरान पेयजल दूषित न हो।
स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने तथा मरीजों के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों की समय पर मरम्मत और रखरखाव करने के निर्देश दिए गए।
राहत और बचाव कार्यों में सुधार पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि गत वर्ष मानसून आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में विभिन्न विभागों ने सराहनीय प्रयास किए थे, लेकिन इस बार व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कृषि, पशुपालन और उद्यान विभाग को निर्देश दिए कि आपदा के दौरान किसानों और बागवानों को होने वाले नुकसान की जानकारी तत्काल विस्तृत रिपोर्ट सहित भेजी जाए, ताकि प्रभावितों को न्यूनतम समय में राहत उपलब्ध करवाई जा सके।
हर तहसील में बनाए जाएंगे राहत शिविर
सभी एसडीएम को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक तहसील स्तर पर एक या दो सुविधा युक्त राहत शिविर स्थल चिन्हित किए जाएं, ताकि आपात स्थिति में उनका तुरंत उपयोग किया जा सके।
इसके अलावा:
- दूरसंचार कंपनियों को वैकल्पिक संचार व्यवस्था तैयार रखने
- लोक निर्माण विभाग को सड़क मार्गों पर मशीनरी उपलब्ध रखने
- जल शक्ति विभाग को टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध करवाने
के निर्देश भी दिए गए।
जल विद्युत परियोजनाओं को चेतावनी प्रणाली मजबूत करने के निर्देश
उपायुक्त ने विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि परियोजना क्षेत्रों में चेतावनी प्रणाली को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए।
उन्होंने कहा कि:
- सायरन चेतावनी प्रणाली
- जन संबोधन प्रणाली
- सोशल मीडिया माध्यम
का प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए, ताकि समय रहते आम लोगों तक सूचना पहुंच सके।
कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक में वर्षा ऋतु के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित संभावित चुनौतियों, जोखिमों और रोकथाम उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अमित मेहरा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश शर्मा, एसडीएम प्रियांशु खाती सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि अन्य उपमंडलों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
