चंबा में नार्को समन्वय समिति की बैठक: नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश
डलहौज़ी हलचल (चंबा): उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी Mukesh Repswal की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सूचना एवं विज्ञान केंद्र (NIC) के वीडियो कॉन्फ्रेंस कक्ष में जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में नशीले पदार्थों की रोकथाम, तस्करी पर अंकुश और कार्यतंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।
स्कूलों और कॉलेजों में चलेंगे विशेष अभियान
उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि स्कूलों और कॉलेजों में चिट्टा तथा अन्य मादक पदार्थों के खिलाफ जागरूकता और रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने युवाओं में तम्बाकू उत्पादों जैसे गुटखा और खैनी के बढ़ते सेवन पर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित विभागों को कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध है और इनके साथ पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
शिकायत पेटियां और काउंसलिंग सत्र होंगे आयोजित
उपायुक्त ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि विद्यालयों में—
- नशा शिकायत पेटियां स्थापित की जाएं
- विशेष नोडल अध्यापकों की नियुक्ति हो
- समय-समय पर काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाएं
ताकि विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक किया जा सके।
बस अड्डों पर लगाए जाएंगे डिजिटल स्क्रीन
उन्होंने Himachal Road Transport Corporation के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बस अड्डों पर डिजिटल स्क्रीन लगाकर नशा मुक्ति संदेश प्रसारित किए जाएं। साथ ही विशेष रूटों पर चलने वाली बसों में कैमरे स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि नशा तस्करी पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।
स्नूकर क्लबों का पंजीकरण होगा अनिवार्य
उपायुक्त ने कहा कि जिले में संचालित स्नूकर क्लबों और इसी प्रकार के अन्य संस्थानों का नजदीकी पुलिस थाने में पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। उन्होंने पुलिस विभाग को नियमित निरीक्षण और नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
“नशा कारोबारियों के लिए समाज में कोई स्थान नहीं”
मुकेश रेपसवाल ने सख्त शब्दों में कहा कि समाज में नशे के कारोबार और इससे जुड़े तत्वों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी, बिक्री या इसके प्रसार में शामिल पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
2026 में अब तक 43 मामले दर्ज
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक Vijay Singh Saklani ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 43 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
पुलिस द्वारा अब तक—
- 15.578 किलोग्राम चरस
- 371.64 ग्राम चिट्टा/हेरोइन
- 2.169 किलोग्राम पॉपी प्लांट
बरामद किया गया है।
इन मामलों में कुल 64 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें—
- 44 आरोपी हिमाचल प्रदेश से
- 20 आरोपी बाहरी राज्यों से
संबंधित हैं।
पांच सरकारी कर्मचारियों पर भी कार्रवाई
एसपी ने बताया कि एनडीपीएस मामलों में संलिप्त पाए गए 5 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है—
- 2 कर्मचारी निलंबित
- 1 सेवानिवृत्त
- 2 सेवा से बर्खास्त
किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि दर्ज मामलों में से 33 मामलों की जांच जारी है जबकि 10 मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं।
जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिले में नशे और नशा तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है तथा चौकसी और निगरानी को और मजबूत किया गया है।
