तंबाकू नियंत्रण को लेकर सवास्थ्य विभाग द्वारा जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित

चंबा में तंबाकू बेचने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, 55 गांव पहले ही हुए तंबाकू मुक्त
तंबाकू नियंत्रण को लेकर सवास्थ्य विभाग द्वारा जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित

डलहौज़ी हलचल | चंबा

जिला मुख्यालय चंबा में अतिरिक्त उपायुक्त अमित मैहरा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति (डीएलसीसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में तंबाकू नियंत्रण संबंधी गतिविधियों, कोटपा अधिनियम-2003 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा तंबाकू मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।

तंबाकू उत्पादों की बिक्री और वितरण पर रखी जाएगी कड़ी निगरानी

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अमित मैहरा ने तंबाकू उत्पादों के वितरण एवं बिक्री से संबंधित नियमों के प्रभावी पालन पर बल देते हुए अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और प्रवर्तन गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने विक्रेताओं के पंजीकरण और लाइसेंस प्रणाली से जुड़े दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने व्यापार मंडलों से 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने तथा पुलिस विभाग को शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री और सेवन पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए।

बस अड्डों को तंबाकू मुक्त क्षेत्र बनाने पर जोर

अमित मैहरा ने एचआरटीसी अधिकारियों को बस अड्डों को तंबाकू मुक्त क्षेत्र बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस अड्डा परिसरों में तंबाकू उत्पादों की बिक्री और सेवन पर सख्ती से रोक लगाई जाए।

उन्होंने बताया कि नियमानुसार निरीक्षण के दौरान यदि किसी बस अड्डे परिसर में बीड़ी या सिगरेट के बट्स पाए जाते हैं, तो संबंधित अड्डा प्रभारी पर प्रत्येक बट के लिए 200 रुपये की दर से जुर्माना लगाया जा सकता है।

प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद बेचने वालों पर होगी कार्रवाई

अतिरिक्त उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में खुले तंबाकू उत्पादों जैसे खैनी, गुटखा आदि की बिक्री और वितरण पूर्णतः प्रतिबंधित है। यदि कोई दुकानदार इन उत्पादों का विक्रय करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिला चंबा के 55 गांव तंबाकू मुक्त घोषित किए जा चुके हैं और इस संख्या को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

जनभागीदारी से ही बनेगा तंबाकू मुक्त समाज

अमित मैहरा ने सभी विभागों से समन्वित प्रयासों के माध्यम से तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी, जागरूकता और सख्त प्रवर्तन के माध्यम से ही तंबाकू मुक्त समाज के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

कोटपा अधिनियम और जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा

बैठक का संचालन करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी (तंबाकू नियंत्रण) डॉ. करण हितेषी ने तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने कोटपा अधिनियम-2003 के विभिन्न प्रावधानों तथा जिले में संचालित जागरूकता एवं प्रवर्तन गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।

स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता सुधार पर भी हुई चर्चा

बैठक के दौरान राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) से संबंधित समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। इसमें जिला के स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण और मरीज-केंद्रित सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न मानकों की समीक्षा की गई।

डॉ. सुरेश ने बताया कि एनक्यूएएस प्रमाणन से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, स्वच्छता और मरीज संतुष्टि में निरंतर सुधार सुनिश्चित होता है। उन्होंने जानकारी दी कि जिला चंबा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजनगर और चनेड़ को राज्य स्तरीय एनक्यूएएस प्रमाणन प्राप्त है, जो उनकी बेहतर कार्यप्रणाली और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का प्रमाण है।

विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित

बैठक में पुलिस उपाधीक्षक बलदेव दत्त, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम सिंह भारद्वाज, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कविता महाजन, उपनिदेशक उच्च शिक्षा विकास महाजन, जिला कार्यक्रम अधिकारी कमल किशोर शर्मा, जिला खेल अधिकारी रुपेश कुमार, जिला रोजगार अधिकारी जितेंद्र सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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