चुवाड़ी में रैम्प कार्यशाला: MSME और SHG को GeM पोर्टल से जुड़ने का मिला प्रशिक्षण

चंबा के छोटे उद्यमियों के लिए बड़ी पहल, अब GeM के जरिए देशभर में बेच सकेंगे अपने उत्पाद
चुवाड़ी में रैम्प कार्यशाला: MSME और SHG को GeM पोर्टल से जुड़ने का मिला प्रशिक्षण

चुवाड़ी में आयोजित हुई रैम्प कार्यक्रम की जागरूकता कार्यशाला

डलहौज़ी हलचल | चुवाड़ी

उद्योग विभाग द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के राइजिंग एंड एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (RAMP) कार्यक्रम के अंतर्गत चुवाड़ी में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य एमएसएमई (MSME) इकाइयों और स्वयं सहायता समूहों (SHG) की डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना, ब्रांड निर्माण को मजबूत करना तथा गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के माध्यम से सरकारी खरीद प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना था।

40 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया भाग

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डीआईसी चंबा की एक्सटेंशन ऑफिसर अनु धीमान उपस्थित रहीं। कार्यशाला में 40 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्य, स्थानीय उद्यमी तथा सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों से जुड़े लोग शामिल रहे।

डिजिटल साक्षरता और ब्रांड निर्माण पर दिया गया प्रशिक्षण

कार्यशाला के प्रथम सत्र में सकीना ठाकुर ने प्रतिभागियों को डिजिटल युग में व्यवसाय संचालन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप बिजनेस, डिजिटल भुगतान प्रणाली और ऑनलाइन मार्केटिंग टूल्स के प्रभावी उपयोग पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने बताया कि छोटे उद्यमी सीमित संसाधनों के बावजूद डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर अपने उत्पादों और सेवाओं को व्यापक बाजार तक पहुंचा सकते हैं। साथ ही बजट प्रबंधन, नकदी प्रवाह, बैंकिंग सेवाओं और विभिन्न सरकारी ऋण योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई।

GeM पोर्टल से सरकारी खरीद में भागीदारी का मिला अवसर

कार्यशाला के दूसरे चरण में अविनाश कुमार शर्मा ने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के सीपीपी मॉड्यूल पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि GeM पोर्टल के माध्यम से एमएसएमई, स्वयं सहायता समूह और स्टार्टअप सीधे सरकारी विभागों को अपने उत्पाद एवं सेवाएं उपलब्ध करा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म पारदर्शी प्रक्रिया, त्वरित भुगतान और राष्ट्रीय स्तर पर बाजार तक पहुंच प्रदान करता है, जिससे छोटे उद्यमियों के लिए नए अवसर खुलते हैं।

मौके पर ही हुआ GeM पंजीकरण और ऑनबोर्डिंग

सत्र के अंत में प्रतिभागियों को GeM पोर्टल पर पंजीकरण और ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। कई महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों ने मौके पर ही अपना प्रोफाइल बनाकर विक्रेता के रूप में पंजीकरण करवाया।

अधिकारियों ने प्रतिभागियों को तकनीकी सहायता प्रदान करते हुए पंजीकरण प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी किया।

स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में मिलेगी मदद

कार्यशाला का समन्वय डीआईसी सदस्य दीपक शर्मा और पल्लवी द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि अनु धीमान ने कहा कि रैम्प कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित ऐसी कार्यशालाएं ग्रामीण उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने कहा कि डिजिटल साक्षरता, ब्रांड निर्माण और GeM जैसी सरकारी ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली से जुड़कर चंबा के स्थानीय उत्पाद राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं और उद्यमियों की आय में वृद्धि हो सकती है।

महिला उद्यमियों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अहम पहल

कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें अपने व्यवसाय को डिजिटल रूप से विकसित करने और सरकारी खरीद प्रक्रिया में भागीदारी के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई है।

उद्योग विभाग ने विश्वास जताया कि चंबा की महिला उद्यमी और स्वयं सहायता समूह इस प्रशिक्षण का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से अधिक सशक्त होंगे तथा जिले के MSME क्षेत्र को नई गति मिलेगी।

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