नौहराधार में CLF की वार्षिक ग्राम सभा सम्पन्न, NRLM से सशक्त हुईं ग्रामीण महिलाएं

डलहौज़ी हलचल, नौहराधार, सिरमौररिपोर्ट: कपिल शर्मा rn सिरमौर जिले के नौहराधार में ग्रामीण महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया गया। हाटी महिला संकुल स्तरीय संघ (CLF) ने अपनी वार्षिक आम ग्राम सभा (AGM) का आयोजन चूड़ेश्वर सेवा समिति प्रांगण में किया, जिसमें क्षेत्र की सैकड़ों महिलाएं भागीदार बनीं और सामाजिक-आर्थिक […]

डलहौज़ी हलचल, नौहराधार, सिरमौर
रिपोर्ट: कपिल शर्मा

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सिरमौर जिले के नौहराधार में ग्रामीण महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया गया। हाटी महिला संकुल स्तरीय संघ (CLF) ने अपनी वार्षिक आम ग्राम सभा (AGM) का आयोजन चूड़ेश्वर सेवा समिति प्रांगण में किया, जिसमें क्षेत्र की सैकड़ों महिलाएं भागीदार बनीं और सामाजिक-आर्थिक बदलाव की दिशा में अपने अनुभव साझा किए।

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मुख्य अतिथि का सम्मान और गरिमामयी शुरुआत

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कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विकास खंड संगड़ाह की सहायक आयुक्त सुश्री नेहा नेगी थीं। उनका पारंपरिक रूप से फूलमालाओं, शॉल, टोपी और “समृद्धि चिन्ह” के साथ स्वागत किया गया। इस आयोजन की शुरुआत ढोल-नगाड़ों की मधुर थाप और महिला सशक्तिकरण के नारों के साथ हुई, जिसने सभा को ऊर्जा से भर दिया।

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स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी, NRLM से आत्मनिर्भरता की ओर

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सभा में CLF से जुड़े सभी ग्राम संगठन (VO) और स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने बताया कि कैसे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के माध्यम से उन्हें स्वरोजगार, बैंकिंग और वित्तीय शिक्षा के अवसर मिले हैं। महिलाओं ने पिछले वर्ष की उपलब्धियों की समीक्षा की और आगामी योजनाओं को साझा किया।

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सरकारी योजनाओं से आत्मबल को मिला संबल

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मुख्य अतिथि ने महिलाओं के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें सरकारी योजनाओं में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि CLF जैसी संस्थाएं ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। इस मौके पर पंचायत सचिव, SBM-G समन्वयक, फार्म व नॉन-फार्म से जुड़े विशेषज्ञों सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

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संगठित नेतृत्व और अनुशासित समापन

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कार्यक्रम का समापन CLF की ऑफिस बेयरर्स (OBs) द्वारा अत्यंत उत्साह और बेहतर प्रबंधन के साथ किया गया। आयोजन में भाग लेने वाली महिलाओं का आत्मविश्वास और सहभागिता देखकर यह साफ जाहिर हुआ कि ग्रामीण महिलाएं अब विकास की दिशा में स्वयं नेतृत्व कर रही हैं।

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