किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! ढगवार में बन रहा अत्याधुनिक मिल्क प्लांट बढ़ाएगा आय, दही-घी से लेकर मोजरेला चीज तक होगा उत्पादन
डलहौज़ी हलचल | धर्मशाला
कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि कांगड़ा जिले के ढगवार में निर्माणाधीन अत्याधुनिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना से जुड़े सभी आधारभूत कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
धर्मशाला में आयोजित समीक्षा बैठक में परियोजना की प्रगति, आधारभूत सुविधाओं और आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, उपायुक्त हेमराज बैरवा, मिल्क फेडरेशन के प्रबंध निदेशक अभिषेक वर्मा, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
पानी, बिजली और सिविल कार्यों को दी प्राथमिकता
प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि परियोजना की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि सभी कार्य समय पर पूरे हो सकें। उन्होंने अधिकारियों को पानी, बिजली और सिविल कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा संयंत्र की वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप जल एवं विद्युत की मांग का विस्तृत आकलन तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सतही जल स्रोत सीमित होने के कारण केंद्रीय भूजल बोर्ड के विशेषज्ञों की सहायता से भूजल उपलब्धता का वैज्ञानिक सर्वे कराया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर एक से अधिक ट्यूबवेल स्थापित किए जाएंगे, ताकि संयंत्र के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
प्रतिदिन 1.50 लाख लीटर दूध होगा प्रोसेस
कृषि एवं पशुपालन मंत्री ने बताया कि ढगवार मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट की प्रारंभिक क्षमता प्रतिदिन 1.50 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण की होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 3 लाख लीटर प्रतिदिन किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, मंडी और ऊना जिलों के 35 हजार से अधिक दुग्ध उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
तैयार होंगे कई डेयरी उत्पाद, रोजगार भी बढ़ेगा
उन्होंने बताया कि इस अत्याधुनिक संयंत्र में दही, लस्सी, मक्खन, घी, पनीर, फ्लेवर्ड मिल्क, खोया तथा मोजरेला चीज सहित विभिन्न डेयरी उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही दुग्ध संग्रहण, गुणवत्ता नियंत्रण, परिवहन, आपूर्ति श्रृंखला और रखरखाव से जुड़े क्षेत्रों में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
राज्य सरकार द्वारा पूरी तरह वित्तपोषित इस परियोजना को नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अन्य जिलों में भी बनेंगे नए दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र
मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर ने बताया कि दत्तनगर दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र के सफल अनुभव के आधार पर प्रदेश सरकार ने नालागढ़, नाहन और झलेड़ा (ऊना) सहित अन्य स्थानों पर भी राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के माध्यम से नए दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि ढगवार का संयंत्र विशेष रूप से चंबा, कांगड़ा, ऊना और हमीरपुर के दुग्ध उत्पादकों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगा। बड़ी संख्या में दुग्ध सहकारी समितियां पहले ही पंजीकृत हो चुकी हैं और संयंत्र शुरू होने के बाद किसानों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
निर्माण कार्य का किया निरीक्षण
बैठक के बाद कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने ढगवार पहुंचकर निर्माणाधीन मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण एजेंसियों और अधिकारियों को गुणवत्ता से कोई समझौता किए बिना निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
