जनगणना के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आगाज 26 फील्ड ट्रेनर को तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं पर दी विस्तृत जानकारी
डलहौज़ी हलचल (शिमला, 6 मई 2026): देश के विकास की भविष्यगामी नीतियां तैयार करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण आधार ‘जनगणना’ की प्रक्रिया अब आधुनिक रूप लेने जा रही है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (प्रोटोकॉल) एवं जिला जनगणना अधिकारी ज्योति राणा की अध्यक्षता में आज बचत भवन शिमला में जनगणना-2027 के लिए नियुक्त 26 फील्ड प्रशिक्षकों (Field Trainers) हेतु तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आगाज हुआ।
पहली बार डिजिटल और स्व-गणना (Self-Enumeration) पद्धति
इस बार की जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाली है। जिला जनगणना अधिकारी ने बताया कि जनगणना-2027 पहली बार पूर्णतः डिजिटल माध्यम से आयोजित की जाएगी।
स्व-गणना (Self-Enumeration) की मुख्य तिथियां:
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स्व-गणना अवधि: 1 जून से 15 जून, 2026 तक।
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कैसे करें: नागरिक HLO मोबाइल ऐप या आधिकारिक वेब पोर्टल www.census.gov.in/se के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे।
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मकान सूचीकरण: 16 जून से 15 जुलाई, 2026 के बीच मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा।

प्रशिक्षण का महत्व और मुख्य प्रशिक्षक
6 मई से 8 मई तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर डॉ. हर्ष और देव दत्त शर्मा द्वारा फील्ड ट्रेनर्स को तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
ज्योति राणा ने प्रशिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे केवल जानकारी एकत्र करने वाले कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि देश के विकास की नींव को सशक्त करने वाले महत्वपूर्ण कारक हैं। इस अवसर पर जनगणना निदेशालय के सहायक निदेशक प्रियांशु तिवारी और जिला नोडल अधिकारी रमेश कुमार भी उपस्थित रहे।
गोपनीय रहेगी जानकारी: जिला वासियों से अपील
जिला जनगणना अधिकारी ज्योति राणा ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान एकत्र की गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूर्ण रूप से गोपनीय रखी जाएंगी। उन्होंने जिला वासियों से अपील की है कि:
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जनगणना अधिकारियों को अपनी सही और पूर्ण जानकारी प्रदान करें।
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डिजिटल माध्यम और मोबाइल ऐप का अधिक से अधिक उपयोग करें।
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जनगणना सटीकता से पूर्ण हो, इसमें अपना सहयोग सुनिश्चित करें।
