धर्मशाला में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम पर समीक्षा बैठक, एडीसी विनय कुमार बोले- सशक्तिकरण प्रशासनिक प्राथमिकता

धर्मशाला में एडीसी विनय कुमार की अध्यक्षता में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम और सहारा योजना को लेकर त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
धर्मशाला में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम पर समीक्षा बैठक, एडीसी विनय कुमार बोले- सशक्तिकरण प्रशासनिक प्राथमिकता

डलहौज़ी हलचल | धर्मशाला

धर्मशाला स्थित उपायुक्त कार्यालय परिसर में अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) विनय कुमार की अध्यक्षता में ‘विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016’ के अंतर्गत त्रैमासिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में कांगड़ा जिले में दिव्यांगजनों से जुड़ी जनकल्याणकारी योजनाओं, सरकारी सुविधाओं और उनके अधिकारों के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री सहारा योजना अब सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधीन

एडीसी विनय कुमार ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा ‘मुख्यमंत्री सहारा योजना’ के प्रशासनिक संचालन और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी अब स्वास्थ्य विभाग से स्थानांतरित कर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को सौंप दी गई है।

इस योजना के तहत:

  • वित्तीय सहायता: गंभीर बीमारियों से पीड़ित पात्र व्यक्तियों को हर महीने 3,000 रुपये की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते (DBT) में दी जाती है।

  • शामिल बीमारियां: कैंसर, पैरालिसिस (लकवा), पार्किसनिज्म, मस्कुलर डिस्ट्राफी, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया, रीनल फेलियर (किडनी फेल होना) और अन्य स्थायी असमर्थता पैदा करने वाली बीमारियां शामिल हैं।

  • आवेदन प्रक्रिया: पात्र नागरिक अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

सरकारी कार्यालयों में रैंप, दिव्यांग शौचालय और प्राथमिकता अनिवार्य

अतिरिक्त उपायुक्त ने जिले के सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण केवल सामाजिक दायित्व नहीं बल्कि प्रशासनिक प्राथमिकता भी है। उन्होंने निम्न दिशानिर्देश दिए:

  1. प्राथमिकता व रेट लिस्ट: तहसील स्तर पर हर दस्तावेज की रेट लिस्ट प्रदर्शित हो और दिव्यांगजनों के दस्तावेज संबंधी कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए।

  2. सुगम्य भारत अभियान: सभी सरकारी दफ्तरों में व्हीलचेयर रैंप, दिव्यांग अनुकूल शौचालय और सुगम्य मार्ग अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं।

  3. अधिकारों की जानकारी: हर विभाग अपने कार्यालय परिसर में दिव्यांगजन के अधिकारों से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित करे ताकि उन्हें किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।

4 मामलों में कानूनी संरक्षक नियुक्त, बेसहारा दिव्यांगों के लिए चर्चा

समीक्षा बैठक के बाद एडीसी विनय कुमार की अध्यक्षता में राष्ट्रीय न्यास अधिनियम, 1999 के तहत ‘स्थानीय स्तरीय समिति’ की बैठक आयोजित की गई। इसमें उन विशेष दिव्यांगजनों की समस्याओं के समाधान पर चर्चा हुई जिनके पास पारिवारिक सहारा नहीं है।

समिति ने गंभीरता से विचार-विमर्श करते हुए ऐसे 4 विशेष मामलों में कानूनी संरक्षक (Legal Guardian) नियुक्त करने की संस्तुति प्रदान की ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।

बैठक में उपस्थित प्रशासनिक अधिकारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला कल्याण अधिकारी साहिल मांडला, जिला स्वास्थ्य अधिकारी (DHO) डॉ. आर.के. सूद सहित विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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