मंडी में विकास परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार, वन भूमि से जुड़े लंबित मामलों पर उपायुक्त ने दिखाई सख्ती

मंडी में उपायुक्त अपूर्व देवगन ने वन संरक्षण अधिनियम के तहत लंबित मामलों की समीक्षा कर संबंधित विभागों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
मंडी में विकास परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार, वन भूमि से जुड़े लंबित मामलों पर उपायुक्त ने दिखाई सख्ती

डलहौज़ी हलचल | मंडी

जिले में विकास परियोजनाओं को गति देने और वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) के अंतर्गत लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित एफसीए प्रस्तावों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई और उनके शीघ्र निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

विकास परियोजनाओं में देरी रोकने पर दिया गया जोर

उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि जनहित और विकास से जुड़ी परियोजनाओं में अनावश्यक देरी रोकने के लिए एफसीए प्रस्तावों का समयबद्ध निस्तारण बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी विभागों को वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि यदि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समय पर पूरी होंगी तो विकास कार्यों को भी समय पर पूरा किया जा सकेगा और आम लोगों को योजनाओं का लाभ मिलेगा।

निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाए मामलों का निपटारा

उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वन भूमि से जुड़े सभी मामलों का निपटारा निर्धारित नियमों और समय-सीमा के अनुसार किया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों से विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों को सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर प्रस्तुत करने को कहा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की कमी के कारण स्वीकृति प्रक्रिया में देरी नहीं होनी चाहिए।

विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश

बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी विभागों को बेहतर समन्वय स्थापित करने, लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और प्रत्येक मामले में वन संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

अधिकारियों ने प्रस्तुत की लंबित मामलों की रिपोर्ट

बैठक का संचालन एसीएफ (मुख्यालय) नवजोत ने किया। इस दौरान उन्होंने जिले में लंबित एफसीए प्रस्तावों की वर्तमान स्थिति, उनकी प्रगति और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े मामलों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

बैठक में डीएफओ मंडी संजीव शर्मा उपस्थित रहे। वहीं, एसीएफ सुकेत राकेश कटोच, डीएफओ नाचन एस.एस. कश्यप, डीएफओ जोगिंद्रनगर अश्विनी कुमार और डीएफओ करसोग वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।

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