एचएएस-2025 बैच के 27 प्रशिक्षु अधिकारियों ने राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता से की शिष्टाचार भेंट, सुशासन का दिया संदेश
डलहौज़ी हलचल | शिमला
हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (एचएएस) एवं संबद्ध सेवाओं के वर्ष-2025 बैच के 27 प्रशिक्षु अधिकारियों ने गुरुवार को लोक भवन में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता से शिष्टाचार भेंट की। ये अधिकारी डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान (हिप्पा), शिमला में आयोजित छह सप्ताह के फाउंडेशन कोर्स के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
प्रशासनिक सेवा जनसेवा का महत्वपूर्ण अवसर
राज्यपाल ने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को राज्य सिविल सेवा में चयन के लिए बधाई देते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज और प्रदेश की सेवा का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि एक प्रशासनिक अधिकारी सरकार और जनता के बीच मजबूत कड़ी होता है, इसलिए उसे हमेशा ईमानदारी, पारदर्शिता और सेवा भावना के साथ कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का समय अधिकारियों के व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की योग्यता को विकसित करने का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है।
पर्वतीय राज्य की चुनौतियों को समझने का आह्वान
राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय राज्य में दूर-दराज के क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं को पहुंचाना बड़ी जिम्मेदारी है। इसके लिए संवेदनशीलता, नवाचार और जनहित की भावना के साथ कार्य करना आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों से भूस्खलन, बादल फटने जैसी प्राकृतिक आपदाओं तथा जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहने का भी आह्वान किया।
ई-गवर्नेंस और पारदर्शिता पर दिया जोर
कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि सुशासन का आधार पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध जनसेवाएं हैं। उन्होंने अधिकारियों से लोगों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनकर उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने की अपील की।
उन्होंने प्रशासन में आधुनिक तकनीक और ई-गवर्नेंस के अधिकतम उपयोग पर बल देते हुए कहा कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और नागरिकों के लिए सरल बनाया जा सकता है।
‘विकसित भारत-2047’ में प्रशासनिक अधिकारियों की अहम भूमिका
राज्यपाल ने कहा कि ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने अधिकारियों से सुशासन, जनभागीदारी, नवाचार तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल देते हुए अधिकारियों से सरकार की प्राकृतिक खेती संबंधी योजनाओं को गांव-गांव तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और किसानों को इसके लिए प्रेरित करने को कहा।
प्रशिक्षण अनुभव भी किए साझा
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान की निदेशक रूपाली ठाकुर ने छह सप्ताह के फाउंडेशन कोर्स की विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षु अधिकारियों ने भी राज्यपाल के साथ अपने प्रशिक्षण अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज तथा सहायक पाठ्यक्रम निदेशक संदीप शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
