कांगड़ा में अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर बढ़ेगी निगरानी, नियमित औचक निरीक्षण के निर्देश
डलहौज़ी हलचल | धर्मशाला
कांगड़ा जिले में पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक और अल्ट्रासाउंड केंद्रों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को सीएमओ कार्यालय धर्मशाला में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉ. ओमेश कुमार भारती की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति एवं जिला उपयुक्त प्राधिकरण की बैठक आयोजित की गई।
16 आवेदनों पर हुई चर्चा, 12 को मौके पर मंजूरी
बैठक में जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से प्राप्त 16 आवेदनों पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें से 12 मामलों को मौके पर ही अनुमोदित कर दिया गया, जबकि शेष मामलों में संबंधित संस्थानों को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए।
क्लीनिक और अल्ट्रासाउंड केंद्रों का होगा औचक निरीक्षण
डॉ. ओमेश भारती ने सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में संचालित क्लीनिक और अल्ट्रासाउंड केंद्रों का नियमित औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से राज्य की सीमा से सटे क्षेत्रों में संचालित केंद्रों पर निगरानी बढ़ाने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिए कि निरीक्षण के दौरान किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाए और इसकी रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय को भेजी जाए।
भ्रूण लिंग जांच के खिलाफ सख्ती
सीएमओ ने सभी संबंधित केंद्रों में ‘यहां भ्रूण की लिंग जांच नहीं होती’ संबंधी बोर्ड स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले स्थान पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट, 1994 के प्रावधानों का उल्लंघन किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस संबंध में नियमित निगरानी और निरीक्षण जारी रखा जाएगा।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में जिला अटॉर्नी एन.एस. चौहान, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. सूद, डॉ. मनीषा, एसएमओ डॉ. सुनील भट्ट तथा गैर सरकारी सदस्य सुनीता, नीलम कुमारी और इंदू कुमारी उपस्थित रहे।
