संस्कृत महाविद्यालयों में जल्द शुरू हो सकती हैं कर्मकांड पुरोहित कोर्स की कक्षाएं, मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान
डलहौज़ी हलचल | शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य में संचालित संस्कृत महाविद्यालयों में कर्मकांड पुरोहित कोर्स शुरू करने पर विचार करेगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इसके तहत भविष्य में डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स आरंभ किए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत और पारंपरिक ज्ञान से जुड़े पाठ्यक्रमों को आधुनिक शैक्षणिक व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में आवश्यक कदमों पर विचार किया जाएगा।
सामंजस्य और भाईचारे से बनता है आदर्श समाज
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सामंजस्य और भाईचारे से ही आदर्श समाज का निर्माण संभव है। सामाजिक एकता से शांति, सद्भाव और सहयोग की भावना मजबूत होती है, जो समाज की प्रगति और समृद्धि की मजबूत नींव है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं लागू कर रही है और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सड़क सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यवस्था परिवर्तन के उद्देश्य से अनेक पहल की जा रही हैं।
प्रदेश में 222 गौ सदनों और अभयारण्यों में 23 हजार से अधिक गौवंश को आश्रय
मुख्यमंत्री ने बैठक में बेसहारा गौवंश के संरक्षण को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में संचालित 222 गौ सदनों और गौ अभयारण्यों में 23,018 गौवंश को आश्रय दिया गया है।
उन्होंने कहा कि सात नए गौ सदनों और गौ अभयारण्यों का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद करीब 2,200 से 2,500 बेसहारा गौवंश को अतिरिक्त आश्रय मिल सकेगा।
गौ सेवा आयोग द्वारा गौ सदनों और अभयारण्यों में पल रहे बेसहारा गौवंश के पालन-पोषण के लिए 1,200 रुपये प्रति गौवंश प्रतिमाह सहायता राशि दी जा रही है। बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए सरकार ने राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का भी गठन किया है।
सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दवाइयां और जांच सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवाइयां और निशुल्क जांच सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न स्तर के स्वास्थ्य संस्थानों के लिए आवश्यक दवाइयों और उपभोग्य वस्तुओं की सूची अधिसूचित की है। क्षेत्रीय अस्पतालों, नागरिक अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 484 प्रकार की दवाइयां और 134 उपभोग्य वस्तुएं सूचीबद्ध की गई हैं।
वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 170 प्रकार की दवाइयां और 48 उपभोग्य वस्तुएं, जबकि उप स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 91 प्रकार की दवाइयां और 28 उपभोग्य वस्तुएं आवश्यक सूची में शामिल हैं।
स्वास्थ्य संस्थानों में बढ़ाई जा रही जांच सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में नैदानिक जांच सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। सरकार ने ई-निविदा के माध्यम से निजी कंपनी के जरिए विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में जांच सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं।
उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 63, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 96, नागरिक अस्पतालों में 110 तथा जोनल और क्षेत्रीय अस्पतालों में 133 प्रकार की प्रयोगशाला जांच मरीजों के लिए निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
सरकार द्वारा आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और प्रयोगशाला जांच जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
त्रिवेणी धाम रिवालसर की चारदीवारी के पुनर्निर्माण पर भी चर्चा
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला मंडी के त्रिवेणी धाम रिवालसर की परिक्रमा मार्ग की क्षतिग्रस्त और गिरने के खतरे वाली चारदीवारी के पुनर्निर्माण के लिए 1.28 करोड़ रुपये का प्राकलन तैयार किया गया है।
बैठक में डॉ. वाई.एस. परमार ऋण योजना, सीबीएसई पाठ्यक्रम वाले विद्यालयों सहित विभिन्न योजनाओं और मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
चिट्टा के खिलाफ जन जागरूकता अभियान में सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री ने समाज के सभी वर्गों से प्रदेश सरकार द्वारा नशीले पदार्थ चिट्टा के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक जन जागरूकता अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की।
बैठक में बोर्ड सदस्यों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न विषयों पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर सचिव सामान्य प्रशासन आशीष सिंहमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और बोर्ड की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। विशेष सचिव हरबंस सिंह ब्रसकोन ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।
बैठक में मुख्य सचिव के.के. पंत, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रशासनिक सचिवों सहित बोर्ड के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
