दिल्ली में केवल सिंह पठानिया की बी. मणिकम टैगोर से मुलाकात, हिमाचल मॉडल और पर्यटन विकास पर साझा किए विचार

उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने नई दिल्ली में तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष बी. मणिकम टैगोर से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी तथा हिमाचल सरकार की विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की।
दिल्ली में केवल सिंह पठानिया की बी. मणिकम टैगोर से मुलाकात, हिमाचल मॉडल और पर्यटन विकास पर साझा किए विचार

डलहौज़ी हलचल | नई दिल्ली

हिमाचल प्रदेश के उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने नई दिल्ली में तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष एवं लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के मुख्य सचेतक बी. मणिकम टैगोर से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें नई जिम्मेदारी संभालने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

संगठन को नई दिशा मिलने का जताया विश्वास

भेंट के दौरान केवल सिंह पठानिया ने विश्वास व्यक्त किया कि बी. मणिकम टैगोर के नेतृत्व में तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी और अधिक सशक्त होगी तथा संगठन को नई दिशा और नई ऊर्जा प्राप्त होगी।

हिमाचल सरकार की विकास योजनाओं की दी जानकारी

केवल सिंह पठानिया ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी, जवाबदेह एवं जनहितैषी शासन व्यवस्था के माध्यम से समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

पर्यटन और कांगड़ा के विकास का किया उल्लेख

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक, धार्मिक, साहसिक, आध्यात्मिक तथा स्वास्थ्य पर्यटन को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। कांगड़ा जिले को प्रदेश की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि देहरा उपमंडल के बनखंडी में लगभग 619 करोड़ रुपये की लागत से दुर्गेश अरण्य वन्य प्राणी उद्यान विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

प्राकृतिक खेती और दुग्ध उत्पादकों को मिल रहा लाभ

उप-मुख्य सचेतक ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां गाय एवं भैंस के दूध की सरकारी खरीद के साथ-साथ प्राकृतिक खेती से उत्पादित चयनित कृषि उत्पादों पर भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) प्रदान किया जा रहा है।

सुख-आश्रय योजना की विशेषताएं भी बताईं

उन्होंने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना निराश्रित बच्चों, विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों, बेसहारा महिलाओं एवं वृद्धजनों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने निराश्रित बच्चों को “चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट” के रूप में अपनाया है तथा उनकी शिक्षा, जेब खर्च, विवाह, आवास निर्माण और स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

स्वास्थ्य और शिक्षा में हो रहे बदलाव

केवल सिंह पठानिया ने कहा कि प्रदेश सरकार विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। राज्य में पहली बार रोबोटिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की शुरुआत की गई है।

उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधारों और आधुनिकीकरण के परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश लगभग 99.30 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ पूर्ण साक्षर राज्य बनने की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर चुका है।

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