खज्जियार पंचायत में मतदाता सूची विवाद: प्रधान पद की दावेदार ने लगाए नाम काटने के आरोप
डलहौज़ी हलचल (खज्जियार ,चंबा): हिमाचल प्रदेश के मिनी स्विट्जरलैंड कहे जाने वाले खज्जियार में पंचायत चुनावों की सरगर्मी के बीच एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम पंचायत खज्जियार से प्रधान पद की प्रबल दावेदार श्रीमती शिल्पी और उनके पति सुनील कुमार ने आरोप लगाया है कि वर्षों से इसी पंचायत में मतदान करने के बावजूद, इस बार उनका नाम मतदाता सूची से जानबूझकर हटा दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो और प्राप्त जानकारी के अनुसार, दंपति का दावा है कि वे खज्जियार पंचायत के स्थायी निवासी हैं। उन्होंने पिछले कई चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। हालांकि, आगामी चुनावों के लिए जारी हुई नई मतदाता सूची में उनका नाम न होने से वे स्तब्ध हैं।
प्रशासन और चुनाव प्रक्रिया पर खड़े हुए तीखे सवाल
इस मामले के उजागर होने के बाद निर्वाचन विभाग, पंचायत प्रशासन और बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय जनता के बीच चर्चा है कि क्या मतदाता सूची के संशोधन की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती गई?
क्षेत्र में उठ रहे मुख्य सवाल:
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सत्यापन में चूक: क्या पंचायत स्तर पर मतदाता सूची का सही भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया गया था?
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बिना सूचना नाम हटाना: क्या नियमों को ताक पर रखकर बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के नाम काटे गए?
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पुराने रिकॉर्ड की अनदेखी: क्या BLO द्वारा पुराने मतदान रिकॉर्ड और क्षेत्रीय जांच की पुष्टि नहीं की गई?
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राजनीतिक दबाव: क्या चुनाव लड़ने से रोकने के लिए किसी राजनीतिक दबाव के तहत यह कदम उठाया गया?
राजनीतिक हस्तक्षेप और जनता का भरोसा
श्रीमती शिल्पी और सुनील कुमार ने इस पूरे प्रकरण में राजनीतिक हस्तक्षेप की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र के सक्रिय निवासियों और भावी उम्मीदवारों के नाम ही सूची से सुरक्षित नहीं हैं, तो आम मतदाता का लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भरोसा डगमगा सकता है।
प्रशासन की चुप्पी पर टिकी निगाहें
फिलहाल निर्वाचन विभाग या जिला प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर त्रुटि सुधार करता है या विवाद और गहराता है। खज्जियार के जागरूक मतदाताओं की नजरें अब आगामी प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
