भक्ति, संगीत और संस्कृति का महासंगम – भराड़ी में मनेगा यादगार महोत्सव

डलहौज़ी हलचल (सिरमौर) कपिल शर्मा : भराड़ी गांव एक बार फिर बन रहा है भक्ति, संस्कृति और संगीत के अद्भुत संगम का केंद्र। गोगा जवाहर पीर युवा मंडल एवं समस्त गोगा क्लब भराड़ी द्वारा आयोजित गोगा नवमी व जन्माष्टमी महोत्सव 2025 इस बार और भी भव्य स्वरूप में आयोजित होने जा रहा है। यह महोत्सव […]

डलहौज़ी हलचल (सिरमौर) कपिल शर्मा : भराड़ी गांव एक बार फिर बन रहा है भक्ति, संस्कृति और संगीत के अद्भुत संगम का केंद्र। गोगा जवाहर पीर युवा मंडल एवं समस्त गोगा क्लब भराड़ी द्वारा आयोजित गोगा नवमी व जन्माष्टमी महोत्सव 2025 इस बार और भी भव्य स्वरूप में आयोजित होने जा रहा है। यह महोत्सव न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि सिरमौर की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती से मंच पर प्रस्तुत करता है।rn

सुरों से सजेगा मंच: धर्मपाल ठाकुर की भक्ति पूर्ण प्रस्तुति

rnसिरमौर की माटी में जन्मे प्रसिद्ध भजन गायक धर्मपाल ठाकुर इस आयोजन के मुख्य कलाकार होंगे। उनकी भक्ति से ओतप्रोत आवाज़ और भावपूर्ण प्रस्तुति हर वर्ष की तरह इस बार भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगी। जब वे मंच संभालते हैं, तो सिर्फ संगीत ही नहीं, श्रद्धा भी जीवंत हो उठती है।rn

नवीन म्यूजिकल ग्रुप: लोकगीतों और भक्ति रागों की महफिल

rnNaveen Musical Group महोत्सव की रंगत को दोगुना कर देगा। यह ग्रुप अपने लोकगीतों, भक्ति रचनाओं और सजीव मंचीय प्रस्तुति के लिए सिरमौरभर में जाना जाता है। सुर, राग और ताल के साथ यह समूह श्रोताओं को भक्ति रस से सराबोर कर देगा। महोत्सव में आधुनिकता और पारंपरिकता का मेल देखने को मिलेगा। DJ Kapil और DJ Blast की एनर्जेटिक धुनें युवाओं को थिरकने पर मजबूर कर देंगी। इनके धमाकेदार बीट्स से भराड़ी गांव की गलियां उत्साह से भर उठेंगी। भक्ति और संगीत के साथ-साथ हास्य का भी भरपूर तड़का लगेगा। मंच पर जयपाल चौहान और राजेश चौहान अपनी हास्य शैली में संस्कृति को जोड़ते हुए दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करेंगे।rn

श्रद्धालुओं से सादर आमंत्रण

rnगोगा जवाहर पीर युवा मंडल एवं गोगा क्लब भराड़ी परिवार की ओर से सभी श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों और संस्कृति प्रेमियों से अपील की जाती है कि वे इस भव्य आयोजन में सपरिवार शामिल होकर सिरमौर की सांस्कृतिक विरासत को और अधिक समृद्ध करें।rnrn“यह केवल एक मेला नहीं, हमारी आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। आइए, इसे मिलकर उत्सव बनाएं।”

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