मंडी में एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक, उपायुक्त अपूर्व देवगन ने संस्थानों को दिए सख्त निर्देश

रैगिंग पर मंडी प्रशासन का कड़ा रुख, शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर FIR के निर्देश
मंडी में एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक, उपायुक्त अपूर्व देवगन ने संस्थानों को दिए सख्त निर्देश

डलहौज़ी हलचल | मंडी

जिला स्तरीय एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में उपायुक्त अपूर्व देवगन ने शैक्षणिक संस्थानों में रैगिंग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि रैगिंग के विरुद्ध बनाए गए नियमों और यूजीसी के दिशा-निर्देशों की शत-प्रतिशत अनुपालना सुनिश्चित करना सभी शैक्षणिक संस्थानों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बैठक में रैगिंग रोकने के लिए अपनाए जाने वाले विभिन्न उपायों और निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।

नए छात्रों को दी जाए नियमों और शिकायत प्रक्रिया की जानकारी

उपायुक्त ने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान नए विद्यार्थियों को रैगिंग विरोधी नियमों, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान में एंटी रैगिंग समिति का गठन अनिवार्य रूप से किया जाए तथा समिति के अध्यक्ष का संपर्क नंबर विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाए।

रैगिंग की शिकायत पर 24 घंटे में FIR का प्रावधान

अपूर्व देवगन ने कहा कि रैगिंग से जुड़े मामलों को किसी भी स्थिति में हल्के में नहीं लिया जा सकता। रैगिंग की शिकायत प्राप्त होने पर 24 घंटे के भीतर नजदीकी पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करने का स्पष्ट प्रावधान है। रैगिंग में संलिप्त पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सीसीटीवी निगरानी और छात्रावासों पर विशेष नजर रखने के निर्देश

बैठक में उपायुक्त ने शैक्षणिक संस्थानों को सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी तंत्र मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत और प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विशेष सतर्कता बरती जाए। छात्रावासों और पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों पर भी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय पुलिस का सहयोग लिया जाए।

आईआईटी मंडी, मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालयों को दिए विशेष निर्देश

उपायुक्त ने आईआईटी मंडी, मेडिकल कॉलेज नेरचौक, सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी और तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने अधीनस्थ संस्थानों में एंटी रैगिंग नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। साथ ही सभी संस्थानों से एक सप्ताह के भीतर एंटी रैगिंग समितियों के गठन और अब तक उठाए गए कदमों की रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को भेजने के निर्देश भी दिए गए।

रैगिंग के खिलाफ सामाजिक सहयोग भी जरूरी

अपूर्व देवगन ने समिति के गैर-सरकारी सदस्यों से भी अपील की कि यदि उन्हें रैगिंग से जुड़ी कोई सूचना प्राप्त होती है तो उसे तत्काल प्रशासन और पुलिस के साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि रैगिंग मुक्त शैक्षणिक वातावरण तैयार करना प्रशासन, शिक्षण संस्थानों, अभिभावकों और समाज सभी की साझा जिम्मेदारी है।

बैठक में पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा समिति के सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।

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