मंडी मध्यस्थता योजना में DBT लागू करने की तैयारी, बागवानों को सीधे खाते में मिलेगा भुगतान

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंडी मध्यस्थता योजना के तहत बागवानों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से भुगतान की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। सरकार ने सेब खरीद प्रक्रिया को डिजिटल बनाने पर भी जोर दिया।
मंडी मध्यस्थता योजना में DBT लागू करने की तैयारी, बागवानों को सीधे खाते में मिलेगा भुगतान

डलहौज़ी हलचल (शिमला): मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने सोमवार शाम बागवानी विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी मध्यस्थता योजना के तहत बागवानों को भुगतान के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) की संभावनाएं तलाशी जाएं।

वर्तमान व्यवस्था के तहत योजना के अंतर्गत की गई खरीद पर बागवानों को नकद राशि के बजाय विभाग की ओर से अन्य सामग्री उपलब्ध करवाई जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे बागवानों के खातों में सीधे भुगतान सुनिश्चित हो सके।

छोटे और सीमांत बागवानों को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रणाली लागू होने से छोटे और सीमांत सेब उत्पादकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तथा उन्हें समय पर भुगतान मिल सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को भुगतान प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए।

सेब सीजन को लेकर अग्रिम तैयारियों के निर्देश

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से मौजूदा सीजन में सेब उत्पादन का अनुमान तैयार करने और बागवानों की सुविधा के लिए अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सेब खरीद के लिए लगभग 132 संग्रह केंद्र स्थापित किए जाने प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि खरीद केंद्रों की संख्या पर्याप्त रखी जाए ताकि बागवानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

एचपीएमसी उत्पादों के बेहतर विपणन पर जोर

मुख्यमंत्री ने एचपीएमसी के एप्पल जूस कंसंट्रेट और अन्य उत्पादों के प्रभावी विपणन पर बल देते हुए कहा कि संस्थान को आर्थिक रूप से और अधिक सुदृढ़ किया जाना चाहिए। उन्होंने उत्पादों की शीघ्र बिक्री सुनिश्चित करने के लिए नीलामी केंद्रों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए।

खरीद प्रक्रिया होगी डिजिटल

बैठक में मुख्यमंत्री ने पूरी खरीद प्रक्रिया को डिजिटल करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सेब उत्पादकों और बागवानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा पिछले साढ़े तीन वर्षों में किसानों और बागवानों के कल्याण के लिए कई महत्त्वपूर्ण पहल की गई हैं।

बैठक में एचपीएमसी के उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, सचिव बागवानी सी. पॉलरासु, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, निदेशक डिजिटल टेक्नोलॉजी एवं गवर्नेंस डॉ. निपुण जिंदल, एचपीएमसी के प्रबंध निदेशक डी.सी. राणा, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप और निदेशक बागवानी सतीश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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