मंडी में किसानों के लिए बड़ी पहल: रासायनिक खाद का इस्तेमाल घटाने और प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर
डलहौज़ी हलचल | मंडी
मंडी जिले में किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर प्रोत्साहित करने के लिए प्रशासन ने विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए अधिकारियों को चिन्हित 100 ग्राम पंचायतों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त मंगलवार को मंडी में आयोजित धरती माता बचाओ निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभों के बारे में जानकारी देकर अधिक से अधिक किसानों को इस पद्धति से जोड़ने के प्रयास किए जाने चाहिए।
100 पंचायतों पर रहेगा विशेष फोकस
अपूर्व देवगन ने कहा कि जिले की चिन्हित 100 ग्राम पंचायतों में किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं कम उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने के लिए किसानों को आवश्यक तकनीकी जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध करवाया जाए।
उन्होंने कहा कि जो प्रगतिशील किसान पहले से प्राकृतिक अथवा जैविक खेती कर रहे हैं, उनके अनुभवों को अन्य किसानों तक पहुंचाया जाना चाहिए। सफल किसानों के मॉडल से दूसरे किसान भी प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।
प्राकृतिक खेती से मिट्टी और पर्यावरण को लाभ
उपायुक्त ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने से न केवल किसानों की खेती की लागत कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति और जैव विविधता के संरक्षण में भी योगदान मिलेगा। रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति भी किसानों को जागरूक किया जाना जरूरी है।
पंचायत स्तर पर लगेंगे जागरूकता शिविर
उपायुक्त ने परियोजना निदेशक आत्मा और कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) मंडी के अधिकारियों को चिन्हित पंचायतों में किसानों और आम लोगों के लिए अधिक से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।
इन शिविरों में प्राकृतिक खेती की तकनीक, जैविक खाद का उपयोग, मृदा स्वास्थ्य और रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
सफल किसानों के अनुभवों को किया जाएगा साझा
उपायुक्त ने कहा कि प्राकृतिक खेती कर रहे प्रगतिशील किसानों को आवश्यक सहयोग और प्रोत्साहन दिया जाए। उनके सफल अनुभवों को दूसरे किसानों के साथ साझा करने से जिले में प्राकृतिक खेती का दायरा बढ़ाने में मदद मिलेगी।
बैठक में पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार ने भी महत्वपूर्ण सुझाव रखे। बैठक का संचालन उपनिदेशक कृषि राम चंद्र चौधरी ने किया। उन्होंने जिले में धरती माता बचाओ अभियान के तहत चल रही विभिन्न गतिविधियों और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
बैठक में जिला कृषि अधिकारी गोपाल चंद, सोनल गुप्ता, डीपीडी आत्मा, ओम चंद वर्मा, जिला अंकेक्षक अधिकारी, इफको के एरिया मैनेजर रोहित ग्लोटिया सहित धरती माता बचाओ निगरानी समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
