पालमपुर के बगोड़ा में बनेगा SDRF उत्कृष्टता केंद्र, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने की परामर्श बैठक
डलहौज़ी हलचल | धर्मशाला
हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत जिला कांगड़ा के पालमपुर उपमंडल स्थित बगोड़ा गांव में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) का आधुनिक परिसर स्थापित किया जाएगा। यह परिसर भविष्य में राज्य स्तरीय उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) के रूप में विकसित किया जाएगा।
इसी संबंध में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा वीरवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों, हितधारकों तथा स्थानीय ग्रामीणों के साथ एक विस्तृत परामर्श बैठक आयोजित की गई।
आधुनिक प्रशिक्षण और आपदा प्रतिक्रिया का बनेगा केंद्र
बैठक के दौरान डीएसपी, हिमाचल प्रदेश एसडीआरएफ कैलाश शर्मा ने बताया कि प्रस्तावित परिसर में अत्याधुनिक राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल कंपनी स्थापित की जाएगी, जिससे प्रदेश में आपदा के समय त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से आपदा प्रतिक्रिया क्षमता, प्रशिक्षण व्यवस्था, परिचालन दक्षता तथा जवानों के कल्याण संबंधी सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी।
सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण सहित विकसित होगी आधुनिक सुविधाएं
प्रस्तावित परिसर में विशेषीकृत प्रशिक्षण अवसंरचना, सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण प्रणाली, प्रशासनिक भवन, आवासीय परिसर तथा अन्य आवश्यक सहायक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इससे हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रबंधन प्रणाली को आधुनिक स्वरूप मिलेगा और आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों की क्षमता बढ़ेगी।
पर्यावरण एवं सामाजिक पहलुओं पर भी हुई चर्चा
बैठक में पर्यावरण विशेषज्ञ रूपा ने बताया कि परामर्श बैठक का उद्देश्य परियोजना से जुड़े पर्यावरण एवं सामाजिक प्रबंधन योजना (Environmental and Social Management Plan), हितधारकों की भागीदारी तथा जेंडर एक्शन प्लान के विभिन्न पहलुओं पर स्थानीय लोगों से सुझाव एवं प्रतिक्रियाएं प्राप्त करना था, ताकि परियोजना का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाया जा सके।
बड़ी संख्या में स्थानीय लोग रहे उपस्थित
बैठक में डीडीएमए धर्मशाला के राबिन, मोहिंद्र कुमार, ग्राम पंचायत बगोड़ा के प्रधान पंकज कपूर, उपप्रधान शिव शरण, पंचायत सचिव अनिता देवी, बीडीसी सदस्य दिनेश जम्वाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने प्रस्तावित परियोजना को लेकर अपने सुझाव साझा किए।
