जापानी विशेषज्ञों ने मंडी के खेतों में देखा आधुनिक कृषि मॉडल, पेपर मल्चिंग तकनीक बनी चर्चा का केंद्र

मंडी में ओजी कंपनी के प्रतिनिधिमंडल ने पेपर मल्चिंग तकनीक और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों का अध्ययन कर किसानों के साथ संवाद किया।
जापानी विशेषज्ञों ने मंडी के खेतों में देखा आधुनिक कृषि मॉडल, पेपर मल्चिंग तकनीक बनी चर्चा का केंद्र

डलहौज़ी हलचल | मंडी

पेपर मल्चिंग तकनीक और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ओजी कंपनी के निदेशक मंडल ने मंडी जिले का अध्ययन भ्रमण किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने बीपीएमयू मंडी, बीपीएमयू गोहर तथा केहड़ और कन्सा खड़ से फलोहटा क्षेत्र का दौरा कर किसानों और कृषि विशेषज्ञों के साथ संवाद किया।

किसानों से किया सीधा संवाद

प्रतिनिधिमंडल में ओजी कंपनी के निदेशक मसाकी चिबा, सहायक निदेशक ताकुजी टेकुची तथा गौरव भार्गव शामिल रहे। उनके साथ एचपीसीडीपी (फेज-2) के जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. हेम राज, खंड परियोजना प्रबंधक मंडी डॉ. राजेश कुमार, खंड परियोजना प्रबंधक गोहर डॉ. नरेंद्र कुमार सहित अन्य कृषि अधिकारी भी मौजूद रहे।

अध्ययन भ्रमण के दौरान किसानों के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों, पर्यावरण अनुकूल खेती और इको-फ्रेंडली पैकेजिंग समाधानों की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

पेपर मल्चिंग तकनीक के लाभों पर हुई चर्चा

डीपीएमयू मंडी में आयोजित बैठक के दौरान पेपर आधारित मल्चिंग शीट के उपयोग और उसके लाभों पर विस्तृत मंथन किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि पेपर मल्चिंग तकनीक मिट्टी में नमी बनाए रखने, खरपतवार नियंत्रण करने तथा प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने में प्रभावी भूमिका निभा सकती है।

उन्होंने कहा कि यह तकनीक सतत कृषि विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

किसानों की चुनौतियों पर भी हुआ विचार-विमर्श

बैठक में किसानों की उत्पादन लागत, पैकेजिंग, परिवहन तथा विपणन से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने इन चुनौतियों के समाधान के लिए आधुनिक और टिकाऊ विकल्पों पर विचार साझा किए।

पॉलीहाउस और प्रदर्शन प्लॉट का किया निरीक्षण

बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने केहड़ और कन्सा खड़ से फलोहटा क्षेत्र का दौरा किया। यहां उन्होंने पॉलीहाउस, ओपन फील्ड प्रदर्शन प्लॉट तथा आधुनिक कृषि पद्धतियों का निरीक्षण किया।

विशेषज्ञों ने स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप पेपर मल्चिंग तकनीक और अन्य आधुनिक कृषि उपायों को अधिक प्रभावी बनाने के सुझाव भी दिए।

सतत कृषि विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि पेपर मल्चिंग तकनीक जैसी पर्यावरण अनुकूल पद्धतियां भविष्य में किसानों की लागत कम करने, उत्पादकता बढ़ाने और प्लास्टिक प्रदूषण घटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। मंडी में आयोजित यह अध्ययन भ्रमण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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