बनीखेत केंद्रीय विद्यालय में PTM आयोजित, अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई और अनुशासन पर दिए अहम सुझाव

पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय बनीखेत में आवधिक परीक्षा-प्रथम के बाद अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित हुई। विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन और समग्र विकास पर विस्तार से चर्चा की गई।
बनीखेत केंद्रीय विद्यालय में PTM आयोजित, अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई और अनुशासन पर दिए अहम सुझाव

डलहौज़ी हलचल | बनीखेत (चंबा)

आवधिक परीक्षा–प्रथम के परिणाम घोषित होने के बाद पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय बनीखेत में सोमवार को अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) का आयोजन किया गया। बैठक में विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुशासन, उपस्थिति तथा समग्र विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही विद्यालय और अभिभावकों के बीच निरंतर संवाद एवं समन्वय को और अधिक मजबूत बनाने पर बल दिया गया।

विद्यार्थियों की सफलता में घर और विद्यालय दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका

विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती करमजीत कौर ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों की सफलता में घर और विद्यालय दोनों की समान भागीदारी होती है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर नियमित निगरानी रखने, समय प्रबंधन, आत्मअनुशासन तथा लक्ष्य निर्धारण की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।

शिक्षकों ने साझा किए व्यक्तिगत सुझाव

बैठक के दौरान शिक्षकों ने प्रत्येक विद्यार्थी के परीक्षा परिणाम और कक्षा में प्रदर्शन के आधार पर अभिभावकों को व्यक्तिगत सुझाव दिए। उन्होंने विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपायों और नियमित अभ्यास पर विशेष जोर दिया।

अभिभावकों ने सराहा विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण

अभिभावकों ने शिक्षकों से संवाद कर अपने बच्चों की प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा विद्यालय द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, मार्गदर्शन और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण की सराहना की। विद्यालय प्रशासन ने अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, घर पर अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने तथा विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया।

आगामी शैक्षणिक योजनाओं पर भी हुआ विचार-विमर्श

बैठक के समापन पर आगामी शैक्षणिक योजनाओं, सुधारात्मक शिक्षण रणनीतियों तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। विद्यालय प्रशासन ने कहा कि ऐसी बैठकें अभिभावकों और शिक्षकों के बीच विश्वास, सहयोग और बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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