राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता से मिले RIMC देहरादून के कैडेट्स, बोले- पद से पहले चरित्र निर्माण और देशभक्ति जरूरी

डलहौजी हलचल (शिमला): राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति और देशभक्ति की भूमिका को रेखांकित करते हुए राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (RIMC), देहरादून के कैडेट्स के साथ एक प्रेरक संवाद किया। मंगलवार को लोक भवन में आयोजित इस भेंट के दौरान राज्यपाल ने कैडेट्स को भविष्य का सफल नेतृत्व बनने का मंत्र […]
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता से मिले RIMC देहरादून के कैडेट्स, बोले- पद से पहले चरित्र निर्माण और देशभक्ति जरूरी

डलहौजी हलचल (शिमला): राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति और देशभक्ति की भूमिका को रेखांकित करते हुए राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (RIMC), देहरादून के कैडेट्स के साथ एक प्रेरक संवाद किया। मंगलवार को लोक भवन में आयोजित इस भेंट के दौरान राज्यपाल ने कैडेट्स को भविष्य का सफल नेतृत्व बनने का मंत्र दिया।

कैडेट्स ने साझा की सशस्त्र बलों में सेवा की आकांक्षा

नेवल अधिकारी स्नेहा के नेतृत्व में आए इस प्रतिनिधिमंडल में आरआईएमसी के संकाय सदस्य अरुणा शर्मा और नितिन वैष्णव भी उपस्थित थे। संवाद के दौरान कैडेट्स ने अपना परिचय दिया और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के माध्यम से भारतीय नौसेना सहित सशस्त्र बलों में सेवा करने के अपने सपनों और आकांक्षाओं को राज्यपाल के साथ साझा किया।

चरित्र निर्माण और अनुशासन पर जोर

राज्यपाल श्री गुप्ता ने कैडेट्स का स्वागत करते हुए सशस्त्र बलों के लिए अधिकारी तैयार करने में आरआईएमसी की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा, “किसी भी पद को प्राप्त करने से पहले चरित्र का निर्माण आवश्यक है।” उन्होंने कैडेट्स को अनुशासन, ईमानदारी और मजबूत चरित्र को अपने जीवन का आधार बनाने की प्रेरणा दी और चुनौतियों को विकास के अवसर के रूप में देखने का आह्वान किया।

विविधता में एकता और गायत्री मंत्र का संदेश

राज्यपाल ने ‘अलग भाषा, अलग भेष, फिर भी अपना एक देश’ की पंक्ति का उल्लेख करते हुए भारत की सांस्कृतिक विविधता पर गर्व करने की बात कही। उन्होंने कैडेट्स को मानसिक स्पष्टता और आंतरिक शक्ति के लिए दैनिक जीवन में गायत्री मंत्र के पाठ को शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्चा नेतृत्व अधिकार पर नहीं, बल्कि सेवा और उदाहरण पेश करने पर आधारित होता है।

ऐतिहासिक लोक भवन का भ्रमण

समारोह के दौरान कैडेट्स ने ब्रिटिश काल से जुड़ी ऐतिहासिक विरासत वाले ‘लोक भवन’ का भ्रमण भी किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की प्रशासनिक विरासत और संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को करीब से समझा। राज्यपाल ने अंत में कहा कि देश की सुरक्षा सशस्त्र बलों की निष्ठा पर टिकी है और कैडेट्स को इसी विश्वास के योग्य बनना है।

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