शिमला में मेगा मॉक ड्रिल: सब्जी मंडी और भट्टाकुफर स्कूल में भूकंप आपदा से निपटने का अभ्यास

8.0 तीव्रता के काल्पनिक भूकंप से हिली शिमला की सब्जी मंडी, मेगा मॉक ड्रिल में परखी गई आपदा प्रबंधन की ताकत
शिमला में मेगा मॉक ड्रिल: सब्जी मंडी और भट्टाकुफर स्कूल में भूकंप आपदा से निपटने का अभ्यास

डलहौज़ी हलचल | शिमला

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में सोमवार को शिमला शहरी क्षेत्र सहित जिले के विभिन्न उपमंडलों में राज्यव्यापी मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान भूकंप जैसी आपदा की काल्पनिक स्थिति तैयार कर राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को परखा गया। ड्रिल के माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और आपदा प्रबंधन क्षमता का मूल्यांकन किया गया।

सब्जी मंडी क्षेत्र में 8.0 तीव्रता के भूकंप का परिदृश्य

मेगा मॉक ड्रिल के तहत सुबह 9 बजे शिमला की सब्जी मंडी में रिक्टर स्केल पर 8.0 तीव्रता के भूकंप की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। परिदृश्य के अनुसार 10 से 14 भवन क्षतिग्रस्त हुए और कई लोग प्रभावित हुए। सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल सक्रिय हो गए और निर्धारित समय के भीतर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का अभ्यास किया गया तथा घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं मामूली रूप से घायल लोगों के लिए मौके पर ही मेडिकल कैंप स्थापित कर प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई।

भट्टाकुफर स्कूल में भी चला रेस्क्यू अभियान

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भट्टाकुफर में भी भूकंप की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। अभ्यास के अनुसार स्कूल भवन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुआ और कई लोग मलबे में फंस गए। रेस्क्यू टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

साथ ही विद्यालय परिसर में मौजूद विद्यार्थियों और अन्य लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने तथा घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया।

कंट्रोल रूम से होती रही पल-पल की निगरानी

मेगा मॉक ड्रिल के दौरान जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कंट्रोल रूम से सभी गतिविधियों की लगातार निगरानी की गई। विभिन्न राहत एवं बचाव एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की गई।

ड्रिल में एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, सेना और आपदा मित्रों की टीमों ने भाग लिया।

रोहड़ू, चौपाल, कुपवी और अन्य क्षेत्रों में भी अभ्यास

शिमला जिले के विभिन्न उपमंडलों में भी भूकंप आपदा प्रबंधन को लेकर मॉक एक्सरसाइज आयोजित की गई। रोहड़ू, चौपाल, कुपवी, ठियोग, कोटखाई, जुब्बल, कुमारसैन और डोडरा क्वार सहित कई स्थानों पर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।

इन अभ्यासों के माध्यम से आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया, राहत पहुंचाने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रियाओं का परीक्षण किया गया।

आपदा के समय बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने का प्रयास

अधिकारियों के अनुसार मेगा मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत बनाना तथा वास्तविक आपदा की स्थिति में प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। इस प्रकार के अभ्यास भविष्य में किसी भी प्राकृतिक आपदा के दौरान जनहानि और नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विज्ञापन