मानसून को लेकर शिमला जिला प्रशासन अलर्ट, सभी एसडीएम को तैयारियां तेज करने के निर्देश
डलहौज़ी हलचल | शिमला
मानसून सीजन के मद्देनज़र जिला प्रशासन शिमला ने संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। वीरवार को बचत भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त अनुपम कश्यप ने सभी उपमंडल अधिकारियों (एसडीएम) को मानसून तैयारियों की नियमित समीक्षा करने तथा विभागीय समन्वय के साथ जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिले के सभी एसडीएम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
अगले सप्ताह होगी उपमंडल स्तर पर समीक्षा बैठक
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने निर्देश दिए कि सभी एसडीएम अगले सप्ताह अपने-अपने क्षेत्रों में मानसून तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित करें। साथ ही सेब सीजन को देखते हुए फील्ड स्टाफ के साथ व्यवस्थाओं का भी आकलन किया जाए। उन्होंने बताया कि जिले में वर्तमान में 200 आपदा मित्र और लगभग 500 युवा आपदा मित्र सक्रिय हैं, जबकि पंचायत प्रतिनिधियों को भी आपदा प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और राहत व्यवस्था पर विशेष जोर
बैठक में बताया गया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान जनजीवन, संपत्ति और महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके लिए संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, समय पर चेतावनी प्रणाली, राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारी तथा आवश्यक सेवाओं की निरंतर उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों, पुलों, जल निकासी प्रणालियों तथा बाढ़ सुरक्षा संरचनाओं का निरीक्षण किया जा रहा है। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में चेतावनी संकेतक लगाए जा रहे हैं तथा सड़क बंद होने की स्थिति में वैकल्पिक मार्गों की जानकारी भी समय पर उपलब्ध कराई जाएगी।
पंचायत स्तर तक मजबूत की जा रही तैयारी
उपायुक्त ने बताया कि पंचायत आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना के अंतर्गत रोहड़ू, जुब्बल, कुपवी, चौपाल, रामपुर, ननखड़ी और चोहारा क्षेत्रों में 219 आपदा प्रतिक्रिया किट वितरित की जा चुकी हैं। साथ ही सभी विभागों को राज्य आपदा शमन निधि के तहत प्रस्ताव तैयार करने और संवेदनशील स्थानों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जुलाई से सितंबर तक नियमित होगी समीक्षा
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जुलाई, अगस्त और सितंबर में प्रत्येक माह की 10, 20 और 30 तारीख को मानसून तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। प्रत्येक बैठक की रिपोर्ट अगले दिन भेजना अनिवार्य होगा। उन्होंने पटवारियों को निर्देश दिए कि आपदा से संबंधित प्रत्येक नुकसान की रिपोर्ट फोटो और वीडियो सहित तैयार करें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पूर्व आपदाओं से सीख लेकर मजबूत की गई तैयारी
बैठक में वर्ष 2023 के समरहिल शिव बावड़ी भूस्खलन और वर्ष 2024 में रामपुर के समेज क्षेत्र में बादल फटने एवं फ्लैश फ्लड जैसी घटनाओं से मिले अनुभवों के आधार पर तैयारियों को और मजबूत करने पर बल दिया गया। प्रशासन ने पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना एवं अर्धसैनिक बलों के साथ समन्वय बढ़ाने, राहत शिविरों की पहचान, पर्यटकों की आवाजाही पर निगरानी तथा जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
आपात सूचना तंत्र रहेगा पूरी तरह सक्रिय
प्रशासन ने भारतीय मौसम विभाग (IMD), केंद्रीय जल आयोग (CWC), जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) और जिला लोक संपर्क कार्यालय के माध्यम से मौसम संबंधी चेतावनियों का त्वरित प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (1077) को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने तथा सभी उपमंडल अधिकारियों को सैटेलाइट संचार प्रणाली (ISAT) की नियमित कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
नागरिकों से की सतर्क रहने की अपील
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने लोगों से अपील की कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें, भूस्खलन एवं बाढ़ संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल जिला आपातकालीन संचालन केंद्र अथवा स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।
बैठक में रहे उपस्थित
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (प्रोटोकॉल) ज्योति राणा, एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा, एसडीएम शहरी ओशीन शर्मा, एसी टू डीसी देवी चंद ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जिले के सभी एसडीएम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
