शिमला में पीडीएस व्यवस्था होगी और पारदर्शी, उपायुक्त अनुपम कश्यप ने फूड इंस्पेक्टरों को दिए अहम निर्देश
डलहौज़ी हलचल | शिमला
उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में जिला सार्वजनिक वितरण समिति एवं जिला स्तरीय सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के प्रभावी संचालन, खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
फूड इंस्पेक्टर लेंगे उपभोक्ताओं से फीडबैक
बैठक में उपायुक्त ने सभी फूड इंस्पेक्टरों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की उचित मूल्य की दुकानों का निरीक्षण कर यह जानकारी जुटाएं कि उपभोक्ताओं को किन खाद्य वस्तुओं की आवश्यकता है और वर्तमान में कौन-कौन सी वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने निर्देश दिए कि अगले 10 दिनों के भीतर उपभोक्ताओं से फीडबैक लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए, जिसे संकलित कर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग को भेजा जाएगा।
मांग के अनुसार उपलब्ध कराई जाएंगी दालें
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि जिले के कुछ क्षेत्रों में कुछ प्रकार की दालों की खरीद कम हो रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं की वास्तविक मांग के आधार पर सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी, ताकि उचित मूल्य की दुकानों में वही दालें और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके जिसकी लोगों को अधिक आवश्यकता है।

स्वयं सहायता समूहों की सराहना
उपायुक्त ने बताया कि जिले में वर्तमान में दो उचित मूल्य की दुकानों का संचालन स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है। इनमें एक चिड़गांव के छआरा क्षेत्र तथा दूसरी चौपाल तहसील के शिलावणी गांव में संचालित हो रही है।
उन्होंने कहा कि इन समूहों के सफल संचालन को देखते हुए अन्य स्वयं सहायता समूहों को भी आगे आकर उचित मूल्य की दुकानों के संचालन में भागीदारी करनी चाहिए।
खाद्यान्न वितरण और लंबित मामलों की समीक्षा
बैठक में दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत खाद्यान्न की उपलब्धता और वितरण की समीक्षा की गई। साथ ही राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के लाभार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उचित मूल्य की दुकानों के आवंटन से संबंधित सभी औपचारिकताएं निर्धारित समयसीमा में पूरी की जाएं, ताकि पात्र उपभोक्ताओं को पारदर्शी एवं निर्बाध तरीके से खाद्यान्न उपलब्ध हो सके।

नई उचित मूल्य दुकानों के प्रस्तावों पर भी हुआ विचार
बैठक में जिले के विभिन्न विकास खंडों एवं शहरी क्षेत्रों में नई उचित मूल्य दुकानों के संचालन के प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। इनमें जुब्बल, चौपाल, नारकंडा, चिड़गांव, बसंतपुर, सुन्नी, ननखड़ी, रामपुर, ठियोग, मशोबरा, कोटखाई, कुपवी और टुटू सहित विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त प्रस्ताव शामिल रहे।
समिति ने नए प्रस्तावों के साथ-साथ पूर्व से लंबित मामलों की भी समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) पंकज शर्मा, जिला नियंत्रक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नरेंद्र धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
