ऊना के उद्यमियों को मिला बड़ा मंच! जेम पोर्टल और उद्योग 4.0 से जुड़कर आत्मनिर्भर बनेंगे एमएसएमई, जानिए बाथू कार्यशाला के मुख्य बिंदु

ऊना के राजीव गांधी कॉमन फैसिलिटी सेंटर बाथू में एमएसएमई के लिए स्मार्ट मैनुफैक्चरिंग और जेम पोर्टल पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
ऊना के उद्यमियों को मिला बड़ा मंच! जेम पोर्टल और उद्योग 4.0 से जुड़कर आत्मनिर्भर बनेंगे एमएसएमई, जानिए बाथू कार्यशाला के मुख्य बिंदु

डलहौज़ी हलचल | ऊना

उद्योग विभाग की ओर से आरएएमपी (RAMP) कार्यक्रम के अंतर्गत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) की प्रतिस्पर्धात्मकता और बाजार पहुंच बढ़ाने के लिए राजीव गांधी कॉमन फैसिलिटी सेंटर, बाथू में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। “स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग एवं जेम व सीपी पोर्टल” विषय पर आधारित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को आधुनिक तकनीक अपनाने, ऑटोमेशन से जोड़ने और सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में भागीदारी सुनिश्चित कर आत्मनिर्भर बनाना था।

60 से अधिक उद्यमियों ने लिया भाग, जेम पोर्टल पर पंजीकरण की अपील

कार्यशाला की अध्यक्षता जिला उद्योग केंद्र (DIC) ऊना के प्रबंधक ज्ञान चंद शर्मा ने की, जबकि हरोली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कौशल विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान क्षेत्र के लगभग 60 एमएसएमई उद्यमियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। डीआईसी प्रबंधक ज्ञान चंद शर्मा ने कहा कि जेम (GeM) पोर्टल एमएसएमई के लिए सरकारी खरीद का एक पारदर्शी और सुलभ माध्यम है, इसलिए सभी पात्र इकाइयों को इस पर अपना पंजीकरण अवश्य करवाना चाहिए।

हरोली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने दिया फॉलोअप और तकनीकी सहयोग पर जोर

हरोली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कौशल ने उद्यमियों को संबोधित करते हुए अधिक से अधिक इकाइयों को जेम पोर्टल पर पंजीकृत होने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने रैंप (RAMP) टीम से आग्रह किया कि वे इच्छुक उद्यमियों के साथ निरंतर संपर्क बनाकर रखें और उन्हें पोर्टल पर लिस्टिंग से लेकर ऑर्डर प्राप्त करने तक आवश्यक सहायता एवं सहयोग प्रदान करें।

इंडस्ट्री 4.0 और ऑटोमेशन से बढ़ेगी उत्पादन क्षमता

कार्यक्रम के पहले सत्र में विषय विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षक तुषार शर्मा ने स्मार्ट मैनुफैक्चरिंग पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने:

  • इंडस्ट्री 4.0 (Industry 4.0): आधुनिक निर्माण तकनीकों और डिजिटलीकरण के महत्व को समझाया।

  • ऑटोमेशन एवं आईओटी (IoT): स्मार्ट सेंसर और इंटरनेट ऑफ थिंग्स के व्यावहारिक उपयोग बताए।

  • डेटा आधारित निर्णय: लागत कम करने (Cost Optimization) और उत्पादन गुणवत्ता सुधारने के टिप्स दिए।

10 एमएसएमई का ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण और सीपीपी पोर्टल प्रशिक्षण

दूसरे सत्र में प्रशिक्षक रवि वर्मा द्वारा जेम (GeM) एवं सीपीपी (CPP) पोर्टल पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने उद्यमियों को पोर्टल पर पंजीकरण, ई-बिडिंग (Bidding Process), एमएसएमई के लिए निर्धारित विशेष छूटों और समयबद्ध भुगतान व्यवस्था की जानकारी दी।

कार्यशाला के दौरान ही रैंप टीम के सहयोग से 10 इच्छुक उद्यमियों का जेम पोर्टल पर ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण पूरा किया गया। सत्र के अंत में उद्यमियों ने फिजिबिलिटी सर्वेक्षण के प्रति भारी उत्साह दिखाया और प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से अपनी शंकाओं का समाधान किया।

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