मिंजर मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या रही फीकी, दर्शकों की कम उपस्थिति ने उठाए कई सवाल

डलहौज़ी हलचल (चंबा)  :  बहुप्रतीक्षित अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई। मेले के उद्घाटन अवसर पर आयोजन स्थल चौगान मैदान में दर्शकों की उपस्थिति न्यूनतम रही और पंडाल का अधिकांश हिस्सा खाली नजर आया। हालांकि मंच पर एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, लेकिन दर्शकों की […]

डलहौज़ी हलचल (चंबा)  :  बहुप्रतीक्षित अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई। मेले के उद्घाटन अवसर पर आयोजन स्थल चौगान मैदान में दर्शकों की उपस्थिति न्यूनतम रही और पंडाल का अधिकांश हिस्सा खाली नजर आया। हालांकि मंच पर एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, लेकिन दर्शकों की कमी ने माहौल को फीका बना दिया। इससे पहले ही प्रशासन द्वारा जारी कलाकारों की सूची को लेकर आमजन में असंतोष था, और अब खाली पंडाल इस असंतोष की पुष्टि करता नजर आया।rnrnमिंजर rn

स्टार परफॉर्मर भी नहीं भर सके खाली कुर्सियां

rnइस सांस्कृतिक संध्या में कांगड़ा के उभरते गायक साहिल कुमार ने बतौर मुख्य कलाकार शिरकत की। उन्होंने ‘सयारा’, ‘तेरी गलियां’, ‘ऐ दिल है मुश्किल’, ‘जुगनी-जुगनी’ और अपनी एलबम का लोकप्रिय गीत ‘सप तों भी काला जाने सूट पा लेआ’ प्रस्तुत कर दर्शकों को बांधने का प्रयास किया।rnrnइसके अलावा, गुलशन पाल, भावना जरयाल, सुभाष प्रिंस, बनगढ़ पुलिस बैंड, विरासत कला मंच, सनातन धर्म नाटक मंडली, चंबा लोक मंच, आर्यन कला मंच, नील कमल ग्रुप, दर्पण निकेतन कला मंच, युवा विकास मंच जडियारा, और भटियात जागृति मंच के कलाकारों ने भी बेहतरीन प्रस्तुतियां दीं।rnrnलेकिन इतनी विविधता और सांस्कृतिक रंगों के बावजूद दर्शक दीर्घा लगभग सूनी रही, जिससे पहली संध्या का असर फीका पड़ गया। स्थानीय लोग और सांस्कृतिक समीक्षक इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि इस बार प्रशासन ने कलाकारों के चयन में स्थानीय जनता की रुचि को दरकिनार कर दिया, जिसका परिणाम खाली पंडाल के रूप में सामने आया। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार की पहली संध्या न तो जोश से भरपूर थी और न ही भीड़ उमड़ पाई।rnrnमिंजर rn

मुख्यातिथि रहे महामहिम राज्यपाल

rnकार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे। मेला कमेटी अध्यक्ष व डीसी चंबा मुकेश रेप्सवाल ने उन्हें चंबा थाल, चंबा रुमाल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।rnrnमिंजर

विज्ञापन