ऊना में मेगा मॉक अभ्यास सफल, भूकंप, बाढ़ और आगजनी जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारियां परखी गईं
डलहौज़ी हलचल | ऊना
जिला ऊना में आपदा प्रबंधन और त्वरित राहत-बचाव व्यवस्थाओं की तैयारियों को परखने के लिए 10वें राज्य स्तरीय वृहद मेगा मॉक अभ्यास का सफल आयोजन किया गया। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (HPSDMA) के दिशा-निर्देशों में आयोजित इस अभ्यास के दौरान विभिन्न प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाओं से निपटने की जिला प्रशासन की क्षमता, संसाधनों और विभागीय समन्वय का परीक्षण किया गया।
एनडीएमए और एचपीएसडीएमए की निगरानी में हुआ अभ्यास
मेगा मॉक अभ्यास की निगरानी मेजर जनरल सुधीर बहल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की। राज्य स्तर पर एचपीएसडीएमए और आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली से जुड़े अधिकारी भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।
जिला स्तर पर सहायक आयुक्त विनय मोदी, एनडीआरएफ की 14वीं बटालियन नूरपुर के असिस्टेंट कमांडेंट पवन कुमार तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम के अधिकारियों ने अभ्यास की निगरानी की।
पांच उपमंडलों में बनाए गए अलग-अलग आपदा परिदृश्य
मेगा मॉक अभ्यास के तहत जिले के विभिन्न उपमंडलों में पांच यथार्थपरक आपदा परिदृश्यों का संचालन किया गया।
जिला मुख्यालय ऊना के रायपुर सहोड़ां स्थित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसीएल) एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में भवन क्षति और पेट्रोलियम क्षेत्र में आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। वहीं अम्ब में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के संयुक्त परिदृश्य पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।
गगरेट में पेट्रोल पंप पर तेल रिसाव से आग लगने, हरोली के बेला बाथड़ी स्थित औद्योगिक इकाई में भूकंप और भवन ढहने तथा बंगाणा के हथलौन क्षेत्र में वनाग्नि जैसी परिस्थितियों से निपटने का अभ्यास किया गया।

विभिन्न विभागों ने दिखाई त्वरित प्रतिक्रिया
अभ्यास में होमगार्ड, अग्निशमन विभाग, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, जल शक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और लगभग 60 प्रशिक्षित ‘आपदा मित्र’ स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
सभी टीमों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर राहत एवं बचाव कार्यों को अंजाम देकर अपनी दक्षता और तत्परता का प्रदर्शन किया।
जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली की हुई सराहना
अभ्यास के समापन पर राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पर्यवेक्षकों ने जिला प्रशासन ऊना द्वारा प्रदर्शित त्वरित प्रतिक्रिया, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभ्यास वास्तविक आपदा के समय प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
भविष्य में भी जारी रहेंगे ऐसे अभ्यास
सहायक आयुक्त विनय मोदी ने सभी विभागों, एनडीआरएफ, एचपीएसडीएमए, एनडीएमए और आपदा मित्र स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के मॉक अभ्यास आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक मजबूत बनाते हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन भविष्य में भी आपदा प्रबंधन संबंधी तैयारियों को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
