वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर: डॉ. शांडिल, विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर दिया सम्मान का संदेश

बुजुर्गों का सम्मान और सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी, कंडाघाट में बोले डॉ. धनीराम शांडिल
वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर: डॉ. शांडिल, विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर दिया सम्मान का संदेश

डलहौज़ी हलचल | सोलन

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनके सम्मान, सुरक्षा तथा गरिमापूर्ण जीवन को सुनिश्चित करने के लिए सभी को सामूहिक रूप से प्रयास करने होंगे। वह सोमवार को कंडाघाट उपमंडल की ग्राम पंचायत सायरीघाट में ‘विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस’ के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

बुजुर्गों के अनुभव समाज के लिए अमूल्य

डॉ. शांडिल ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव, ज्ञान और जीवन मूल्यों से समाज को निरंतर मार्गदर्शन प्राप्त होता है। ऐसे में यह प्रत्येक नागरिक का नैतिक और सामाजिक दायित्व है कि वह बुजुर्गों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और सहयोग का भाव रखे तथा किसी भी प्रकार के शारीरिक, मानसिक, आर्थिक अथवा सामाजिक दुर्व्यवहार को रोकने के लिए सजग रहे।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक बुजुर्ग को सम्मान, सुरक्षा और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है और समाज को इस दिशा में सकारात्मक वातावरण तैयार करना चाहिए।

वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए संचालित हैं अनेक योजनाएं

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और संरक्षण के लिए विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। वृद्धावस्था पेंशन, स्वास्थ्य सेवाएं, डे-केयर सेंटर, कानूनी सहायता और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से बुजुर्गों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का योगदान देश और समाज के विकास में हमेशा महत्वपूर्ण रहा है तथा नई पीढ़ी को उनके अनुभवों से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

युवाओं से बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील रहने की अपील

डॉ. शांडिल ने युवाओं से विशेष आग्रह किया कि वे अपने परिवार और समाज के बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील रहें, उनके अनुभवों का सम्मान करें और उन्हें सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से सहभागी बनाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से ऐसा समाज बनाया जा सकता है, जहां प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर जीवन व्यतीत कर सके।

जरूरतमंदों को वितरित किए सहायक उपकरण

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य जांच शिविर और एएलआईएमसीओ (ALIMCO) द्वारा लगाए गए स्टॉल का अवलोकन भी किया। उन्होंने जरूरतमंद लोगों को श्रवण यंत्र, व्हील चेयर, वॉकिंग स्टिक, कमोड चेयर, नी-ब्रेस, सिलिकॉन कुशन, ट्राइपॉड छड़ी, एक्सिला क्रचेज सहित विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों को वृद्धजनों के साथ दुर्व्यवहार रोकने और उनके सम्मान की रक्षा करने की शपथ भी दिलाई गई।

जागरूकता फैलाने पर विभाग का विशेष जोर

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव सी.पी. वर्मा ने कहा कि इस दिवस का उद्देश्य बुजुर्गों के साथ होने वाले शारीरिक, मानसिक और आर्थिक दुर्व्यवहार के प्रति समाज को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों का अनुभव समाज को सही दिशा प्रदान करता है और उनकी उपेक्षा को समाप्त करने के लिए समाज को एकजुट होकर कार्य करना होगा।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जागरूकता गतिविधियों का आयोजन

कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, नशा मुक्त अभियान से संबंधित गतिविधियां, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और नुक्कड़ नाटक भी आयोजित किए गए। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कलाकारों ने वृद्धजन सम्मान और जागरूकता पर आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को संदेश दिया।

इस अवसर पर अजय कुमार यादव, सुमित खिम्टा, राजीव शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, वरिष्ठ नागरिक, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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