डलहौजी हलचल (मंडी): हिमाचल प्रदेश की मुख्य निर्वाचन अधिकारी नंदिता गुप्ता ने 19 मार्च को मंडी में ईवीएम भंडारण कक्ष का निरीक्षण किया। इस दौरान जिला निर्वाचन कार्यालय मंडी द्वारा भ्यूली स्थित वेयरहाउस में रखी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की प्रथम स्तर जांच (एफएलसी) उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अपूर्व देवगन की उपस्थिति में सफलतापूर्वक संपन्न की गई। यह प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता और निर्धारित मानकों के तहत आयोजित की गई।
निरीक्षण के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी नंदिता गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ईवीएम जांच प्रक्रिया को गंभीरता, पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस दौरान उन्होंने मशीनों की जांच प्रक्रिया, सुरक्षा प्रोटोकॉल और रिकॉर्ड संधारण का भी अवलोकन किया तथा संतोष व्यक्त किया।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ईवीएम मशीनों की नियमित और वैज्ञानिक तरीके से जांच बेहद आवश्यक है। उन्होंने बताया कि एफएलसी प्रक्रिया के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि सभी मशीनें तकनीकी रूप से पूरी तरह सही और सुरक्षित हैं तथा आगामी चुनावों के लिए तैयार हैं।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, तहसीलदार (निर्वाचन) राजेश शर्मा सहित मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से संजय शर्मा और भारतीय जनता पार्टी से एडवोकेट करणवीर सिंह भी उपस्थित रहे और उन्होंने पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया।

