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चंबा से शुरू हुई छड़ी यात्रा, 90 किमी. सफर कर मणिमहेश में होगा शाही स्नान
 
 डलहौज़ी हलचल (चंबा) : राधाष्टमी को होने वाले शाही स्नान के लिए दशनाम छड़ी यात्रा मंगलवार को मुख्यालय से विधिवत तरीके से पूजा-अर्चना के उपरांत मणिमहेश के लिए रवाना हुई। छड़ी यात्रा की अगवाई दशनाम अखाड़ा के महंत यतिंद्र गिरि ने की। यह छड़ी यात्रा दशनामी अखाड़ा से चल कर पहले दिन लक्ष्मीनाथ मंदिर चंबा में विश्राम करके राधा कृष्ण मंदिर जुलाकड़ी में रात गुजारेगी। जिसके बाद राख, दुर्गठी, भरमौर, हड़सर व धनछो से होती हुई पवित्र स्नान के दिन सुबह 90 किमी. सफर कर मणिमहेश डल झील पर पहुंचेगी। जहां पर यह छड़ी अन्य देवी-देवताओं के प्रतीक चिन्हों के साथ सर्वप्रथम मणिमहेश डल झील में स्नान करेगी। जिसके बाद ही आम लोगों के लिए स्नान की शाही पर्वी शुरू होगी। मंगलवार की शाम करीब चार बजे यह दशनाम छड़ी मणिमहेश के लिए धूमधाम से कोविड के नियमों की अनुपालन के बीच मणिमहेश के लिए रवाना हुई। मणिमहेश यात्रा के साथ लक्ष्मीनाथ मंदिर चंबा और दशनामी अखाड़ा का संबंध रियासत काल से ही चला आ रहा है। लिहाजा हर वर्ष चंबा के दशनामी अखाड़ा चंबा से मणिमहेश शाही स्नान के लिए छड़ी यात्रा का आयोजन किया जाता है।

दशनाम अखाड़ा के महंत यतीन्द्र गिरी ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए लक्ष्मीनाथ मंदिर परिसर में बगैर प्रसाद लिए ही साधुओं को पड़ाव की तरफ बढ़ने को कहा तो मौके पर मौजूद लोगों ने महंत व साधुओं की इस नाराजगी के बारे में सदर विधायक पवन नैयर को सूचना दी जिसके चलते मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर विधायक लक्ष्मीनाथ परिसर पहुंचे और उन्होंने नाराज साधुओं को मनाया। साधुओं का कहना था कि हर वर्ष इस छड़ी यात्रा के दौरान जिला के प्रशासन की तरफ से अधिकारी दशनाम अखाड़ा पहुंच कर छड़ी यात्रा के साथ चलते थे तो साथ ही प्रशासन इस छड़ी यात्रा के बारे में जानकारी सार्वजनिक करता था। यही नहीं छड़ी के लिए बैंड बाजे की व्यवस्था भी प्रशासन करता था लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ।

न तो कोई प्रशासनिक अधिकारी इसमें शामिल हुआ और न ही बैंड बाजे की कोई व्यवस्था की गई। इस पर विधायक ने कहा कि कोमिनिगैप के चलते ऐसा हुआ है। उन्होंने कहा कि अगली बार ऐसा हरगिज नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह छड़ी यात्रा अमरनाथ यात्रा की छड़ी के समान है और इसका ऐतिहासिक, धार्मिक महत्व है तो साथ ही यह लोगों की भावनाओं के साथ जुड़ी हुई है। एस.डी.एच. नवीन तंवर ने मौके पर पहुंच कर महंत से इस मामले को लेकर क्षमा मांगते हुए यह आश्वासन दिया कि इससे आगे यात्रा में उन्हें इस प्रकार की किसी भी परेशानी का उन्हें सामना नहीं करना पड़ेगा। विधायक व एस.डी.एम. का आश्वासन मिलने के बाद मणिमहेश छड़ी यात्रा अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना हुई।