चुवाड़ी में जारी है विकास खंड भटियात जिला परिषद कर्मचारियों की कलम छोड़ो हड़ताल

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डलहौज़ी हलचल (चुवाड़ी) भूषण गुरंग  :  30 सितम्बर से विकास खंड भटियात जिला परिषद कर्मचारियों की कलम छोड़ो हड़ताल जारी है । इसके अंतर्गत 80 कर्मचारी व अधिकारी अनिश्चिचत कालीन हड़ताल पर बैठे हुए हैं ।इन कर्मचारियों की एक मात्र मांग है की सरकार ने जो वादा किया था उसके अनुसार इन्हे पंचायती राज व ग्रामीण विकास विभाग में विलय किया जाये ।  कर्मचारियों ने सरकार से अनुरोध किया की हम वो कर्मचारी है की हमारे काम न करने से ग्रामीण विकास व पंचायती राज दोनो विभागों के काम लगभग शून्य हो गये है  ।  विकास का पहिया बिल्कुल ठप्प हो गया है ।  

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यहाँ ये बताते चलें की ये समस्त हिमाचल मे मात्र 4700  कर्मचारी है जो PWD डिपार्टमेंट के बाद दूसरे नंबर पर आते हैं जो सरकार के बजट को व्यय करते है ।  सरकार कि लगभग  सभी प्रकार की योजनाओं को धरताल पर अमलीजामा पहनाने मे इनकी मुख्य भूमिका रहती है  ।  इन्होने बताया की हमारा उदेश्य सरकार व जनता के कार्यों को प्रभावित करना नही है ।  इसलिए हम पिछले 10 महीनों से सरकार व विभाग से लगातार वार्ता कर रहे थे ।  लेकिन सरकार व विभाग ने हमारी मांगो की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया  ।  जिला परिषद कैडर छोटा सा है  लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों वो जनता के साथ हमेशा सम्पर्क में रहता है जिस करण ये कैडर काफी महत्वपूर्ण है ।  

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सरकार व विभाग को समय रहते इनकी मांगो को मानकर इनकी हड़ताल को खत्म करना चाहिए ताकि जानता के कार्य प्रभावित न हो  ।  आपदा की इस घड़ी में समस्त कैडर के कर्मचारी सरकार व विभाग के साथ है और उन्होंने दिन रात कार्य भी किया है और करंगे भी लेकिन इनको आज तक सरकार से कुछ भी लाभ नही दिया गया ।  हिमाचल मे लगभग 5 लाख के करीव सभी विभागों निगमो संस्थाओं के कर्मचारी हैं  और लगभग 2 लाख के करीव पेंशनर है सरकार उनके लिए सब कुछ दे रही है  ।  मात्र 4700 कर्मचारियों के आपदा के नाम पर सभी वित्तीय लाभ रोक देना और इन कर्मचारियों के लिए सरकार के पास बजट न होना दुर्भाग्यपूर्ण है  ।

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इन कर्मचारियों ने अपने पंचायती राज व ग्रामीण विकास विभाग के ऊपर भी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा के सभी विभागों व उनके मंत्रियों ने अपने विभाग के कर्मचारियों को वित्तीय व अन्य लाभ देकर उन्हे सशक्त बनाया है ।   मात्र ये विभाग ऐसा है जिसने अपने कर्मचारियों के सारे वित्तीय व अन्य लाभ रोक दिये है जिससे ये कर्मचारी अपने आपको असहाय महसूस कर रहे हैं ।

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