चम्बा मेडिकल कॉलेज में विश्व स्तनपान सप्ताह पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
डलहौज़ी हलचल (डलहौज़ी) : विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत आज पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, चम्बा में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसका उद्देश्य नवजात शिशुओं के पोषण, स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर स्तनपान की अनिवार्यता पर जोर देना था। इस स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बिपिन ठाकुर के सौजन्य से स्त्री रोग विशेषज्ञ कक्ष और प्रसव पश्चात देखभाल कक्ष में किया गया। इस अवसर पर माताओं को शिशु को जन्म के बाद पहले घंटे के भीतर स्तनपान कराने और कम से कम छह माह तक विशेष रूप से माँ का दूध देने की सलाह दी गई।rn
कॉलोस्ट्रम—शिशु की पहली ढाल
rnकार्यक्रम में कॉलोस्ट्रम (Colostrum) — जो जन्म के तुरंत बाद माँ के स्तनों से निकलने वाला गाढ़ा पीला दूध होता है — की विशेष महत्ता पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि कॉलोस्ट्रम शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है और संक्रमणों से बचाने के लिए यह प्रकृति का पहला टीका माना जाता है।rn
50 प्रतिशत लक्ष्य से पीछे है भारत
rnमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बिपिन ठाकुर ने कहा, “आज जब दुनिया अनेक स्वास्थ्य संकटों से जूझ रही है, ऐसे समय में स्तनपान शिशु को जीवन की सुरक्षित शुरुआत देता है। लेकिन यह चिंता का विषय है कि आज भी केवल 44 प्रतिशत शिशु पहले छह महीने तक केवल माँ का दूध प्राप्त कर पाते हैं।” उन्होंने बताया कि भारत वर्ष 2025 तक इस आंकड़े को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखता है, जिसे प्राप्त करने के लिए ग्राम स्तर पर निरंतर जनजागरूकता जरूरी है।rn
माताओं से अपील: “स्तनपान है शिशु का पहला अधिकार”
rnकार्यक्रम के अंत में डॉ. ठाकुर ने सभी माताओं से अपील की “हर माँ अपने शिशु को जीवन के पहले छह माह तक सिर्फ अपना दूध दें और उसके बाद भी पूरक आहार के साथ स्तनपान जारी रखें। यह बच्चे के संपूर्ण विकास की नींव है।”rn
उपस्थित रहे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी
rnइस अवसर पर कई प्रमुख स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें शामिल हैं:rn
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- सी.आर. ठाकुर, जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी
- होशियार सिंह, स्वास्थ्य शिक्षक
- दीपक जोशी, बीसीसी काउंसलर
- पूनम सहगल, पोषण सलाहकार
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