छोटे से गांव में बड़ी पहल: चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी से जागरूक हुए बच्चे और अभिभावक

डलहौज़ी हलचल (चंबा) :  चाइल्ड हेल्पलाइन चंबा द्वारा उपमंडल चंबा की पंचायत खजियार के अंतर्गत गांव भथली में एक आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों और महिलाओं को चाइल्ड हेल्पलाइन की सेवाओं व 1098 टोल फ्री नंबर की विस्तृत जानकारी दी गई। हेल्पलाइन टीम की ओर से सुपरवाइजर विक्की जरयाल […]

डलहौज़ी हलचल (चंबा) :  चाइल्ड हेल्पलाइन चंबा द्वारा उपमंडल चंबा की पंचायत खजियार के अंतर्गत गांव भथली में एक आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों और महिलाओं को चाइल्ड हेल्पलाइन की सेवाओं व 1098 टोल फ्री नंबर की विस्तृत जानकारी दी गई। हेल्पलाइन टीम की ओर से सुपरवाइजर विक्की जरयाल और केस वर्कर लविंदर कुमार ने बताया कि यह सेवा बच्चों के लिए संकट की स्थिति में मुफ्त सहायता उपलब्ध कराती है।

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टीम ने बताया कि 1098 सेवा के अंतर्गत उन बच्चों की मदद की जाती है जो नशे की लत, जन्म पंजीकरण से वंचित, अनाथ, अर्ध-अनाथ, स्कूल छोड़ चुके, घर से भागे हुए, मानसिक व शारीरिक रूप से अक्षम, शोषित, अति निर्धन, बाल विवाह या बाल-मजदूरी जैसी परिस्थितियों से गुजर रहे हों। इसके अलावा छेड़छाड़, घरेलू हिंसा और अन्य किसी भी प्रकार के उत्पीड़न का सामना कर रहे बच्चों को भी इस सेवा के माध्यम से मदद दी जाती है।

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सोशल मीडिया की बुराइयों और बाल शोषण पर खुली चर्चा

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कार्यक्रम में सोशल मीडिया पर चल रही ब्लैकमेलिंग, बाल तस्करी, और नशे की प्रवृत्ति जैसे खतरनाक विषयों पर विशेष चर्चा की गई। टीम ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से बच्चों को मानसिक रूप से परेशान करता है या बहलाने-फुसलाने की कोशिश करता है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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इसके अतिरिक्त, बाल-विवाह और बाल-मजदूरी की बुराइयों को लेकर भी जागरूकता फैलाई गई। इनके कारण बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को समझाया गया। साथ ही, यह स्पष्ट किया गया कि इन अपराधों में शामिल लोगों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही की जा सकती है।

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संवाद और गोपनीयता पर जोर

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कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों को यह सलाह दी गई कि वे अपने बच्चों के साथ हर छोटी-बड़ी बात पर खुलकर संवाद करें ताकि बच्चे मानसिक रूप से सुरक्षित महसूस करें।

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चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने यह आश्वासन भी दिया कि किसी भी तरह की संवेदनशील सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यदि सूचनाकर्ता स्वयं यह कहे कि उसकी जानकारी सार्वजनिक न की जाए, तो चाइल्ड हेल्पलाइन उस गोपनीयता का पूर्णतया पालन करेगी।

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इस जागरूकता अभियान में 14 महिलाएं और 4 बच्चे उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में जिला परियोजना समन्वयक कपिल शर्मा ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद और आभार प्रकट किया।

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