बनीखेत में आयोजित निरंकारी सेवादल अधिकारी प्रशिक्षण शिविर बना सेवा का पाठ

डलहौज़ी हलचल (डलहौज़ी) अशोक चौहडिया: संत निरंकारी सत्संग भवन बनीखेत में आयोजित निरंकारी सेवादल अधिकारी प्रशिक्षण शिविर ने सेवा, भक्ति और अनुशासन का मंत्र दिया। चंबा-कांगड़ा क्षेत्रीय संचालक महात्मा तिलक राज डोगरा ने अधिकारियों और सेवादारों को सत्संग संचालन, यातायात प्रबंधन, लंगर–पेयजल व्यवस्था एवं आपदा राहत के व्यावहारिक पहलुओं पर मार्गदर्शन किया।rn सेवा का दायरा: […]

डलहौज़ी हलचल (डलहौज़ी) अशोक चौहडिया: संत निरंकारी सत्संग भवन बनीखेत में आयोजित निरंकारी सेवादल अधिकारी प्रशिक्षण शिविर ने सेवा, भक्ति और अनुशासन का मंत्र दिया। चंबा-कांगड़ा क्षेत्रीय संचालक महात्मा तिलक राज डोगरा ने अधिकारियों और सेवादारों को सत्संग संचालन, यातायात प्रबंधन, लंगर–पेयजल व्यवस्था एवं आपदा राहत के व्यावहारिक पहलुओं पर मार्गदर्शन किया।rn

सेवा का दायरा: सामुदायिक कार्यों से परिचय

rnमहात्मा तिलक राज डोगरा ने बताया कि निरंकारी सेवादल रक्तदान शिविर, सफाई अभियान, पौधारोपण, बाढ़-भूकंप राहत और पल्स पोलियो अभियान जैसे सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता है। वे कहते हैं कि सेवा का नेतृत्व प्रशिक्षित अधिकारी करते हैं, जबकि सदस्यों का मुख्य लक्ष्य निष्काम भाव से निरंकारी परमात्मा की आराधना के साथ समाजसेवा करना है।rn

अनुशासन का अभ्यास: मार्च-पास्ट से क्षमा याचना गीत तक

rnप्रशिक्षण शिविर की शुरुआत प्रार्थना से हुई। इसके बाद अधिकारियों ने मार्च-पास्ट, गुरु पूजा गीत, मार्चिंग गीत, सेवादल गीत और क्षमा याचना गीत का अभ्यास कराया, जिससे सहभागी मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक रूप से सुसज्जित हुए। महात्मा तिलक राज डोगरा ने निष्काम भाव से सेवा की महत्ता पर विशेष जोर दिया।rnrnबनीखेतrn

स्वास्थ्य संदेश: तन-मन रहे स्वस्थ

rnकार्यक्रम में महात्मा तिलक राज डोगरा ने सेवादल अधिकारियों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि सतर्क और स्वस्थ मनोवस्था से ही सेवा कार्यों में निरंतरता और उत्साह बना रहता है।rn

भक्ति की प्रतिध्वनि: साप्ताहिक सत्संग

rnप्रशिक्षण सत्र के बाद आयोजित साप्ताहिक सत्संग में भक्तों ने कविता, भजन और विचारों के माध्यम से निराकार परमात्मा का गुणगान किया। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के विचार LED स्क्रीन पर प्रसारित किए गए, जिन्हें संगत ने श्रद्धापूर्वक श्रवण किया।rnrn 

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