डलहौजी हलचल (चंबा): जिला चंबा में सहकारी क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कार्यान्वयन एवं निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) के कम्प्यूटरीकरण के तीसरे चरण के तहत जिले की 31 समितियों को अनुमोदन प्रदान किया गया।
बैठक में विकासखंड चंबा, भरमौर, मैहला, पांगी, सलूणी और तीसा की समितियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने का निर्णय लिया गया। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पैक्स के माध्यम से संचालित क्रेडिट और गैर-क्रेडिट गतिविधियों को पूरी तरह डिजिटल प्रणाली से जोड़ा जाए।

उन्होंने कहा कि समितियों के सचिवों के लिए उपमंडल स्तर पर प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएं, ताकि उन्हें डिजिटल प्रणाली की पूरी जानकारी मिल सके। साथ ही सभी प्रविष्टियों को समयबद्ध तरीके से ऑनलाइन अपलोड करना भी सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने समितियों के आय स्रोतों को बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण मामलों में वृद्धि करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को अधिक लाभ मिल सके।
बैठक के दौरान सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं ने जानकारी दी कि जिले में कम्प्यूटरीकरण के पहले और दूसरे चरण के तहत 83 समितियों को पहले ही जोड़ा जा चुका है।
वहीं नाबार्ड के डीडीएम ने समितियों की आय बढ़ाने के लिए वर्मी कंपोस्ट यूनिट, कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस, कस्टम हायरिंग सेंटर और सोलर आधारित परियोजनाओं सहित 15 से अधिक गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
बैठक में राज्य सहकारी बैंक के प्रबंधक द्वारा कम्प्यूटरीकरण से संबंधित विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर सहायक पंजीयक सुरजीत सिंह, नाबार्ड के डीडीएम राकेश कुमार, प्रबंधक हेम सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और समितियों के सचिव उपस्थित रहे।

