डलहौज़ी हलचल (सोलन): केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में की गई भारी कटौती का भाजपा ने पुरजोर स्वागत किया है। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष डेजी ठाकुर (Daisy Thakur) ने इस निर्णय को महंगाई के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक ‘निर्णायक प्रहार’ बताया है। सोलन में जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि यह फैसला आम जनता, विशेषकर गृहिणियों और मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
टैक्स में ऐतिहासिक कटौती: जनता को मिली सीधी राहत
डेजी ठाकुर ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता के बावजूद भारत सरकार ने जनहित को प्राथमिकता दी है:
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पेट्रोल: उत्पाद शुल्क ₹13 से घटाकर मात्र ₹3 प्रति लीटर किया गया।
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डीजल: उत्पाद शुल्क ₹10 से घटाकर शून्य कर दिया गया है।
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राजस्व पर प्रभाव: इस कटौती से केंद्र सरकार को प्रति वर्ष लगभग ₹1.75 लाख करोड़ के राजस्व का भार उठाना होगा, जिसे सरकार ने जनता के हित में स्वीकार किया है।
रणनीतिक फैसले: निर्यात शुल्क और आपूर्ति पर नियंत्रण
डेजी ठाकुर ने जानकारी दी कि सरकार ने केवल टैक्स ही नहीं घटाया, बल्कि घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक कदम भी उठाए हैं। डीजल पर ₹21.5 और एटीएफ (ATF) पर ₹29.5 प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया गया है ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार के दबाव का असर भारतीय उपभोक्ताओं पर न पड़े। इसके अलावा, कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति में 20 प्रतिशत का अतिरिक्त आवंटन किया गया है, जिससे छोटे व्यापारियों को लाभ होगा।
हिमाचल की कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना
प्रदेश सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए डेजी ठाकुर ने कहा कि जहाँ एक ओर केंद्र सरकार टैक्स घटाकर राहत दे रही है, वहीं हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पेट्रोल और डीजल पर ₹5 प्रति लीटर तक सेस (Cess) लगाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने इसे पूरी तरह ‘जनविरोधी’ कदम बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार जनता की जेब पर बोझ डालने की नीति पर काम कर रही है।
हर 15 दिन में होगी कीमतों की समीक्षा
भाजपा नेत्री ने इस बात पर भी संतोष जताया कि केंद्र सरकार हर 15 दिन में ईंधन की कीमतों की समीक्षा करेगी। इससे भविष्य में भी कीमतों को नियंत्रित रखने और पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिलेगी। अंत में उन्होंने हिमाचल सरकार से आग्रह किया कि वह केंद्र की तर्ज पर जनहित में कार्य करे, न कि नए कर लगाकर जनता की परेशानियां बढ़ाए।










