डलहौज़ी हलचल (धर्मशाला): जिला कांगड़ा में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों पर विराम लगाते हुए उपायुक्त हेमराज बैरवा (DC Hemraj Bairwa) ने आज महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में एलपीजी सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारू है।
पैनिक बुकिंग के कारण बढ़ी मांग: अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर
उपायुक्त ने बताया कि हाल के दिनों में ईरान-इजरायल के बीच चल रहे अंतरराष्ट्रीय तनाव की खबरों के कारण आम जनता में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। इसी घबराहट (Panic) के चलते उपभोक्ता आवश्यकता से अधिक और अग्रिम बुकिंग कर रहे हैं, जिससे मांग में अचानक उछाल आया है।
आंकड़ों की जुबानी: घबराहट में बढ़ी 25% अतिरिक्त खपत
DC हेमराज बैरवा ने जिले की वर्तमान खपत के आंकड़े पेश करते हुए स्थिति स्पष्ट की:
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सामान्य खपत: प्रतिदिन लगभग 7,500 से 7,700 सिलेंडर।
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वर्तमान स्थिति (10 मार्च 2026 के बाद): खपत बढ़कर 9,000 से 10,000 सिलेंडर प्रतिदिन तक पहुँच गई है।
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निष्कर्ष: यह वृद्धि किसी वास्तविक कमी के कारण नहीं, बल्कि घबराहट में की जा रही अतिरिक्त बुकिंग का परिणाम है।
जिला प्रशासन की उपभोक्ताओं से अपील
प्रशासन ने उपभोक्ताओं से संयम बरतने का आग्रह करते हुए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
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अफवाहों से बचें: एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह नियंत्रित और पर्याप्त है। सभी गैस एजेंसियों को नियमित स्टॉक मिल रहा है।
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केवल आवश्यकतानुसार बुकिंग: घबराहट में आकर अनावश्यक बुकिंग न करें, ताकि वितरण प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव न पड़े और सभी को समय पर गैस मिल सके।
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गोदामों पर भीड़ न लगाएं: गैस एजेंसियों के गोदामों पर जाने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन द्वारा निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार होम डिलीवरी और फोकल पॉइंट्स के माध्यम से नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
उपायुक्त ने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) की निरंतर निगरानी कर रहा है और उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।










