डलहौज़ी हलचल (सरोल/चंबा): जिला चंबा के स्वास्थ्य क्षेत्र में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। सरोल स्थित अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ‘भलेई माता नेत्र अस्पताल’ (Bhalei Mata Eye Hospital) का आज विधिवत उद्घाटन किया गया। चंबा के उपायुक्त मुकेश रेपसवाल (IAS) ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर इस विशेष नेत्र केंद्र का लोकार्पण किया।
स्वास्थ्य सुविधाओं की मजबूती पर उपायुक्त का जोर
अपने संबोधन में उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने अस्पताल प्रबंधन को इस नई पहल के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा:
“किसी भी क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सेवाएं अनिवार्य हैं। इस अस्पताल के शुरू होने से चंबा की स्थानीय जनता को अब आंखों के जटिल और आधुनिक उपचार के लिए बाहरी राज्यों या बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।”
हिमाचल का 5वां अत्याधुनिक विशेष नेत्र अस्पताल
अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. विपिन ठाकुर ने उपायुक्त का स्वागत करते हुए संस्थान की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह हिमाचल प्रदेश का 5वां ऐसा विशेष नेत्र अस्पताल है, जो विश्वस्तरीय उपकरणों और आधुनिक तकनीक से लैस है।
अस्पताल की मुख्य विशेषताएं:
आधुनिक तकनीक: यहाँ ‘फेको’ (Phaco) और ‘लेजर’ (Laser) तकनीक के माध्यम से सफेद व काला मोतियाबिंद का सटीक और टांकारहित उपचार किया जाएगा।
विशेषज्ञ टीम: अस्पताल में अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञों की एक समर्पित टीम नियमित जांच, परामर्श और जटिल सर्जरी के लिए 24×7 उपलब्ध रहेगी।
रेटिना सेंटर: आंखों के पिछले हिस्से (रेटिना) से संबंधित बीमारियों के लिए भी यहाँ विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
समय और धन की होगी बचत
चंबा जिले के दुर्गम क्षेत्रों के लोगों के लिए यह अस्पताल किसी वरदान से कम नहीं है। अब तक गंभीर नेत्र रोगों के उपचार के लिए लोगों को टांडा, शिमला या चंडीगढ़ जाना पड़ता था, लेकिन सरोल में इस केंद्र के खुलने से अब स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ सेवाएं मिल सकेंगी। इससे मरीजों के समय और धन दोनों की बड़ी बचत होगी।
उद्घाटन समारोह में क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति, चिकित्सा जगत से जुड़े विशेषज्ञ और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। अस्पताल के शुभारंभ के साथ ही चंबा अब नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम और बढ़ गया है।











