डलहौज़ी हलचल (चंबा): देवभूमि हिमाचल को नशा मुक्त बनाने की दिशा में चंबा जिला प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। आज उपायुक्त कार्यालय में जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति (NCORD) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त मुकेश रेपसवाल (DC Mukesh Repaswal) ने की। बैठक में नशीली दवाओं की तस्करी रोकने और युवाओं को इस दलदल से बचाने के लिए एक प्रभावी कार्यतंत्र विकसित करने पर विस्तृत रणनीति तैयार की गई।
स्कूलों और कॉलेजों पर विशेष नजर: चिट्टे के खिलाफ ‘वार’
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने शिक्षा विभाग और पुलिस को निर्देश दिए कि स्कूलों और कॉलेजों के आसपास नशीले पदार्थों, विशेषकर ‘चिट्टा’ (Heroin) की बिक्री और सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नशे के खिलाफ बेहद गंभीर है, इसलिए सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएं।
चंबा पुलिस का रिपोर्ट कार्ड: 207 नशा तस्कर सलाखों के पीछे
बैठक का संचालन करते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) विजय सिंह सकलानी ने नशा निवारण अभियान के तहत चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए। वर्ष 2025 से अब तक की उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
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कुल पंजीकृत मामले: 129 (NDPS Act के तहत)
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गिरफ्तार व्यक्ति: 207 तस्कर।
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बरामदगी: 47 किलोग्राम चरस, 504 ग्राम हीरोइन/चिट्टा, 111 ग्राम अफीम और 18,875 पोस्त के पौधे।
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नकद राशि: तस्करी से जुड़ी ₹5,89,997 की राशि बरामद।
आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: ₹11 लाख से अधिक का जुर्माना
उपायुक्त आबकारी एवं कराधान विभाग नूतन महाजन ने बताया कि जिले में अवैध शराब की बिक्री पर लगाम लगाने के लिए निरंतर निरीक्षण किए जा रहे हैं।
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निरीक्षण और सैंपलिंग: चौथी तिमाही तक 1250 निरीक्षण और 4271 सैंपल लिए गए।
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जब्ती: 4886 बोतल शराब जब्त की गई।
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जुर्माना: आबकारी अधिनियम के तहत विभिन्न मामलों में कुल ₹11,53,900 का जुर्माना वसूला गया है।
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कड़ी कार्रवाई: नियमों के उल्लंघन पर एक शराब लाइसेंस को निलंबित भी किया गया है।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अमित मैहरा, जिला राजस्व अधिकारी विक्रमजीत सिंह सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नशे के विरुद्ध यह अभियान भविष्य में और अधिक तीव्र किया जाएगा।

