डलहौज़ी हलचल (शिमला/नई दिल्ली): अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (HPCC) के संगठनात्मक ढांचे में आमूल-चूल परिवर्तन करते हुए नई टीम की घोषणा कर दी है। पार्टी आलाकमान ने आगामी चुनौतियों और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से कार्यकारिणी, महासचिव, उपाध्यक्ष और अनुशासन समिति सहित पूरी सूची जारी की है। यह नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
कार्यकारिणी (Executive Committee): 21 दिग्गजों को मिली जगह
नई कार्यकारिणी में अनुभव और सत्ता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। इसमें मुख्यमंत्री से लेकर पूर्व प्रदेश अध्यक्षों तक को शामिल किया गया है:
प्रमुख नाम: सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुकेश अग्निहोत्री, आनंद शर्मा, प्रतिभा सिंह, आशा कुमारी, कर्नल धनीराम शांडिल, कौल सिंह ठाकुर, कुलदीप सिंह राठौर, विक्रमादित्य सिंह और अनिरुद्ध सिंह सहित 21 नेता।
महासचिव और उपाध्यक्ष: 39 नेताओं को जिम्मेदारी
संगठन के विस्तार के लिए 27 महासचिव और 12 उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं।
उपरध्यक्ष (Vice Presidents): प्रकाश चौधरी, नीरज भारती, बंबर ठाकुर, सतपाल रायजादा, रजनीश किमटा, परस राम, मोहिंदर चौहान, जीवन ठाकुर, करण सिंह पठानिया, अमित नंदा, चेत राम ठाकुर और चंद्र प्रभा नेगी।
महासचिव (General Secretaries): विनोद जिंटा, पवन ठाकुर, अमित भरमौरी, सुरिंदर मंकौटिया, यशवंत खन्ना और चंदर शेखर शर्मा सहित 27 नाम शामिल हैं।
अनुशासन समिति (Disciplinary Committee)
पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने के लिए एक सशक्त समिति का गठन किया गया है:
चेयरमैन: कुलदीप सिंह राठौर।
सदस्य: हर्षवर्धन चौहान, आशीष बुटैल, भवानी सिंह पठानिया, बाबा हरदीप सिंह, नीरज नायर और अनुराधा राणा।
कोषाध्यक्ष और पदेन सदस्य
कोषाध्यक्ष: मदन चौधरी को वित्तीय प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पदेन सदस्य (Ex-officio Members): एआईसीसी प्रभारी, सचिव, सभी कांग्रेस विधायक, फ्रंटल संगठनों के प्रमुख (NSUI, Youth Congress, Mahila Congress) और एससी, ओबीसी व आदिवासी विभागों के अध्यक्षों को शामिल किया गया है।
संगठन में नई ऊर्जा का संचार
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि इस पुनर्गठन से पार्टी में नई ऊर्जा का संचार होगा। विशेष रूप से आशा कुमारी जैसे अनुभवी नेताओं की कार्यकारिणी में वापसी और युवाओं को महासचिव के पदों पर तरजीह देना आगामी चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।











